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संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के झज्जर दौरे के दौरान उनकी जुबान पर झज्जर नाम ही चढ़ा रहा। अपने 20 मिनट के भाषण के दौरान अमित शाह ने झज्जर व झज्जरवासियों कहकर 12 बार संबोधित किया।
भाषण की शुरुआत करते हुए जब उन्होंने भारत माता की जय बोलने के लिए कहा तो दर्शक दीर्घा से कम आवाज आई, जिस पर अमित शाह ने कहा कि क्यों भाई झज्जर वालों की आवाज को आज क्या हो गया है? क्या 400 पार करना है या नही?। माताएं-बहनें बोलें, 400 पार करना है या नहीं। मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाना है तो ऐसी आवाज नहीं चलती। उन्होंने हाथ उठवाकर जय श्री राम के नारे लगाए।
शाह बोले कि मैं पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, उत्तर पश्चिम होकर अंत में झज्जर आया हूं, इसलिए आपको परिणाम बताता हूं। उन्होंने संबोधित करते हुए झज्जर वासियों से ही इंडी के नेता के बारे में पूछ डाला। यही नहीं अपना भाषण समाप्त करने से पहले उन्होंने पूछा कि झज्जर वालों बताओ कि राम मंदिर बनना चाहिए था या नहीं? इस पर सभी ने हां में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव में लड़ाई मोदी बनाम भ्रष्टाचार व परिवारवाद के बीच है। जब तक रोहतक में कमल नहीं खिलेगा, तब तक यह लड़ाई अधूरी रहेगी।
राहुल पर कसे तंज, बोले- हंसना मत
अमित शाह ने कई बार राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी को राहुल बाबा के नाम से पुकारा। शाह ने तंज कसने के दौरान कहा कि आप हंसना मत। भाषण के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री को खांसी आई। उन्होंने बोलने का प्रयास किया, लेकिन खांसी नहीं रुकी। इतने में सांसद अरविंद शर्मा ने अमित शाह को पानी की बोतल दी। हालांकि शाह ने अपने पास पहले से रखी बोतल से पानी पीना शुरू कर दिया था। अरविंद को आता देखकर शाह बोले कि अरविंद देखने में दुबले-पतले लगते हैं, लेकिन जब लोकसभा के विकास की बात होती है तो सबसे झगड़कर काम करवाते हैं, इसलिए वोट उनको ही देना। बड़े घर वालों को वोट दिया कि वह मिलने तक नहीं आएंगे और अरविंद को जब भी याद करोगे तो आएंगे। शाह ने भाषण शुरू करने से पहले भीमेश्वरी देवी, प्रसाद गिरि, कांशी गिरि, जटेला धाम, छुड़ानी को प्रमाण कर अपनी बात की शुरुआत की।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
रैली को लेकर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। काफी संख्या में रैली स्थल के अलावा बाहर भी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस लाइन में हेलीपैड बनाया गया था। स्टेडियम की तरफ से जाने वाले दोनों मुख्य मार्गों को वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था। छिकारा चौक, भगत सिंह चौक व सिविल अस्पताल से आगे नाके लगाए गए हैं, जिनसे आगे स्टेडियम की तरफ से वाहनों को नहीं जाने दिया गया। स्टेडियम के गेट नंबर-एक से केवल वीआईपी व भाजपा नेताओं की एंट्री करवाई गई, जबकि पिछले गेट से आम जनता की एंट्री करवाई जा रही है। अंदर जाने वालों की तीन स्तर पर जांच की जा रही थी।