बहादुरगढ़। प्रदूषण बढ़ने के बाद जिला उपायुक्त द्वारा बंद किए गए स्कूल वीरवार को खुल गए। सुबह के समय छाई धुंध, स्मॉग प्रदूषण के कारण फिर से विद्यार्थियों को काफी परेशानी हुई। हालांकि अभी भी प्रदूषण का स्तर गंभीर बना हुआ है। दिवाली बीते भी कई दिन हो गए, लेकिन प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वीरवार को एक्यूआई 365 पर दर्ज किया गया। वहीं चिकित्सकों ने खतरनाक मौसम में अस्थमा और सांस के मरीजों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। हालांकि विभागों द्वारा प्रदूषण को कम करने के कदम उठाए जा रहे हैं।
वीरवार की सुबह विद्यार्थी स्कूलों की तरफ पैदल और बसों में सवार होकर जाते दिखाई दिए। मगर अब भी बहादुरगढ़ की हवा ठीक नहीं हुई है। वीरवार को बहादुरगढ़ में पीएम 2.5 का उच्चतम स्तर शाम 4 बजकर 5 मिनट पर 435 दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम 207 पर रहा। औसत 371 रही। यह बेहद खतरनाक है। शहर के रेलवे रोड, रोहतक रोड, मेन बाजार के अलावा अन्य कई मार्गों पर नगर परिषद द्वारा मैकेनिकल मशीन द्वारा सफाई करवाई गई। वहीं सड़कों पर धूल न उड़े, इसके लिए टैंकरों के जरिये पानी का छिड़काव भी कराया गया।
दिन भर छाई रही स्मॉग की चादर
शहर में सुबह से लेकर रात तक स्मॉग की चादर छाई रही। लोगों को दुपहिया वाहनों पर चलने के दौरान आंखों में जलन और आंखों से पानी आने की समस्या रही। अभी बहादुरगढ़ की हवा पूरी तरह जहरीली बनी हुई है। चिकित्सक लोगों को घरों में रहने की सलाह दे रहे हैं।
रखें ये एहतियात
-घर के बाहर एक्सरसाइज या फिजिकल एक्टिविटी करने से बचें।
-बच्चे, बुजर्ग ओर दिल-लंग्स के मरीज घर में ही रहें।
-थका देने वाली एक्टिविटी कम करें।
-अगरबत्ती और मोमबत्ती का इस्तेमाल न करें।
-खुद से दवा लेने की बजाय डॉक्टर की सलाह लें।
-बीमार लोग बंद कमरे में एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें।
-जिन्हें सांस और अस्थमा की बीमारी है उन्हें तो रुटीन एक्टिविटी बंद कर देनी चाहिए।
-स्वस्थ लोगों को खूब पानी पीना चाहिए, अच्छी और बैलंस डाइट लेनी चाहिए।
-डॉ. मनीष शर्मा, निदेशक, ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल (उजाला सिग्नस)