बहादुरगढ़। कोरोना संक्रमण के कारण बंद किए गए पहली से नौवीं कक्षा तक के स्कूल 40 दिन बाद वीरवार से खोल दिए गए। पहले दिन स्कूलों में रौनक दिखी और बच्चे भी साथियों के साथ मिलकर काफी खुश नजर आए। पहले दिन भले ही विद्यार्थियों की संख्या कम रही, लेकिन अध्यापकों ने बच्चों को कक्षाओं के अलावा आनलाइन तरीकों से भी पढ़ाई करवाई। स्कूल में प्रवेश करने वाले बच्चों को मास्क पहनकर आना अनिवार्य रखा गया और बच्चों के लिए गेट पर ही मास्क भी रखे गए। कई स्कूलों में आने वाले बच्चों का टेंप्रेचर भी चेक किया गया।
बता दें कि कोविड संक्रमण के मामले बढ़ने के चलते प्रदेश सरकार ने 1 जनवरी से स्कूलों को बंद कर दिया था। लेकिन ऑनलाइन माध्यम से बच्चों की पढ़ाई अच्छी तरह से न होने के चलते लगातार अभिभावक, विभिन्न संगठन स्कूलों को खोलने की मांग कर रहे थे। वीरवार को पहले दिन भले ही बच्चों की संख्या लगभग 50 फीसदी ही रही, लेकिन बच्चों के स्कूल लौटने से स्कूलों में रौनक लौट आई। स्कूल में प्रवेश करने से पहले गेट पर मौजूद कर्मचारी ने सभी बच्चों को मास्क पहनकर रखने के लिए कहा। जिनके पास मास्क नहीं थे, उनको मास्क उपलब्ध करवाए। हाथों को सैनिटाइज करवाने के बाद विद्यार्थियों का तापमान चेक किया गया। इसके बाद ही उन्हें स्कूल परिसर में प्रवेश मिला। ऐसा ही कुछ नजारा विभिन्न सरकारी स्कूलों का था।
एक स्कूल में बच्चों को छोड़ने आए अभिभावक रमेश कुमार, राजेंद्र और दीपक का कहना था कि कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के चलते बच्चे घर बैठे थे। भले ही उनकी ऑनलाइन पढ़ाई चल रही थी, लेकिन कक्षा जैसा माहौल नहीं मिल पा रहा था। ऊपर से मार्च में वार्षिक परीक्षा भी है। ऐसे में सरकार का स्कूल खोलने का फैसला सही है। कोविड को लेकर जारी की हिदायतों का स्कूल के साथ-साथ वह भी पालन करेंगे और बच्चों को घर से ही भोजन व पानी देकर भजेंगे।