फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्कूल-प्राइवेट बस भिड़े, दो छात्राओं की मौत, 35 से अधिक घायल

Wed, 10 Feb 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/बहादुरगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
 गांव डाबोदा नहर के निकट मंगलवार को दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना हुई। छात्र-छात्राओं से भरी स्कूल बस व यात्रियों से भरी प्राइवेट बस की आमने-सामने की भिड़ंत में स्कूल बस में सवार दो छात्राओं की मौत हो गई, जबकि 35 से अधिक विद्यार्थी घायल हो गए।
विज्ञापन




 घायलों में कई बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई थी, तो कुछ को हल्की चोटें आईं। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी प्राइवेट व सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती घायल बच्चों का हाल जानने के लिए पहुंच गए। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन की ओर से सभी घायलों के इलाज का खर्च उठाया जाएगा। वहीं मृतक छात्राओं के परिवार की मदद के लिए भी जितना हो सकेगा किया जाएगा।


जानकारी के अनुसार माउंट व्यू स्कूल बहादुरगढ़ की एक बस चार गांवों खेड़का गुज्जर, गोयला कलां, दुल्हेड़ा व डाबोदा के बच्चों को रोजमर्रा की तरह गांवों से लेकर स्कूल आ रही थी। सुबह करीब पौने 8 बजे बस जब गांव डाबोदा खुर्द के पास पहुंची तो सामने से आ रही यात्रियों से भरी प्राइवेट बस से उसकी टक्कर हो गई। हादसे में स्कूल बस का एक तरफ का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। तेज धमाके के साथ हुए हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। बसों में भिड़ंत होने के बाद स्कूल बस में बैठे कई विद्यार्थी बस की सीट के बीच ही फंस गए। ग्रामीणों और राहगीरों ने ट्रैक्टरों की मदद से बस के अंदर फंसे बच्चों को किसी तरह बाहर निकाला और उन्हें इलाज के लिए मिशन, ब्रह्मशक्ति व सिविल हॉस्पिटल लाया गया।
विज्ञापन



स्कूल बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना जैसे ही प्रशासन को मिली तुरंत बचाव दल व पुलिस मौके पर पहुंच गई। दुर्घटना में गांव गोयला कलां निवासी स्कूल की क्रमश: 7वीं व 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली स्वीटी व ज्योति की मौत हो गई, जबकि करीब 35 से अधिक बच्चे घायल हो गए। हादसे में प्राइवेट बस में सवार कई यात्री भी जख्मी हुए। स्कूल बस चालक धर्मबीर और प्राइवेट बस चालक भी घायल हुए हैं। थाना सदर पुलिस ने एक ढाबा संचालक के बयान पर दोनों बस चालकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। दुर्घटना का शिकार हुईं दोनों छात्राओं के शवों को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने परिजनों के हवाले कर दिया।

ये हुए घायल
हादसे में घायल होने वालों में स्कूली बच्चों में दीपा, मोहित, आर्यन, रजनी, रिषिका, कोमल, ज्योति, आयुषी, सागर, नेहा, तृप्ति, दीप्ति, दीपांशी, रोहित, रेणु, मुकेश, रीतू, अजय (जय), सुमित, दीवेश, दीपक, नरेंद्र, सिमरण, आकांक्षा, खुशी, साहिल, आशीष, सोनिया, निकिता, सागर के अलावा बस ड्राइवर धर्मबीर, प्राइवेट बस में सवार जयपाल, दलीप व ऋषिपाल सहित कुछ अन्य लोग शामिल हैं। ज्यादातर विद्यार्थी गांव खेड़का गुजर और गोयला कलां के बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ बच्चे डाबोदा और दुल्हेड़ा के हैं।


अभिभावकों के पांव तले खिसक गई जमीन
बहादुरगढ़। माउंट व्यू स्कूल की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना अभिभावकों को लगी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। हर कोई अपने कलेजे के टुकड़े की सलामती को लेकर हॉस्पिटलों की ओर दौड़ता दिखा। मिशन व सरकारी हास्पिटल में खूब भीड़भाड़ दिखी। हालत यह थी कि प्राइवेट हॉस्पिटल की केजुअल्टी में तो पैर रखने की जगह भी नहीं मिल रही थी।


दो छात्राओं की मौत तो कई की गंभीर हालत होने की सूचना पाकर अभिभावकों के आंखों में आंसू देखने को मिल रहे थे। हर कोई इस हादसे की दर्दनाक व्यथा सुनकर एक-दूसरे को दिलासा देते नजर आ रहा था। कुछ अभिभावकों की स्थिति तो यह थी कि उन्हें अपने बच्चों के बारे में सही से यह भी पता नहीं चल रहा था कि आखिर उनके बच्चे का इलाज किस हॉस्पिटल में हो रहा है और उन्हें कितनी चोटें हैं। वे एक-दूसरे से इस बारे में जानकारी जुटाते नजर आए। यही नहीं स्कूल बस के चालक को भी कोसते दिखे। बच्चों की सुरक्षा से मामला जुड़ा होने के कारण प्रशासन के भी हाथ पांव फूल दिखे।


उपायुक्त अनीता यादव, पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार, एसडीएम प्रदीप कौशिक, डीएसपी सुरेश कुमार, सीएमओ डॉ. श्रीराम सिवाच, बीडीपीओ रामफल, थाना सदर प्रभारी बिजेंद्र, थाना शहर प्रभारी अशोक कुमार सहित अन्य पुलिस चौकियों से भी पुलिस अधिकारी बहादुरगढ़ के प्राइवेट व सिविल हास्पिटल पहुंचे और घायल बच्चों का हालचाल जाना साथ में अभिभावकों को मदद का आश्वासन भी दिया।

अपनों को ढूंढती रहीं आंखें
हादसे में किसको कितनी चोट लगी इसको लेकर अभिभावक काफी सकते में थे। बच्चे भी हादसे को याद कर सहमे हुए थे। कई अभिभावकों व बच्चों की हालत यह थी कि वे अपनों को हॉस्पिटल में ढूंढ रहे थे। अभिभावकों को पाकर बच्चों को कुछ राहत मिली लेकिन इलाज के दौरान कोई दादा तो कोई पापा-मम्मी को पुकार रहा था। यह हाल देखकर हर किसी को रहा नहीं जा रहा था और चालकों की लापरवाही को कोसता दिख रहा था।

रोडवेजकर्मी बने मददगार
सब डिपो की बहादुरगढ़-बुपनियां बस के ड्राइवर दीपक व कंडक्टर सोमबीर इंसानियत दिखाते हुए बीच रास्ते में ही बस से यात्रियों को उतारकर घायलों को क्षतिग्रस्त वाहनों से निकालकर रोडवेज बस में बैठाते हुए इलाज के लिए बहादुरगढ़ हास्पिटल लेकर आए। रोडवेज कर्मियों ने कहा कि कई वाहन चालकों से उन्हें मदद के लिए हाथ बंटाने के लिए कहा लेकिन वे तमाशबीन बने रहे।

परिजनों ने लगाए आरोप
खेड़का गुज्जर निवासी रमेश, नरेश, दुल्हेड़ा निवासी जयप्रकाश व ओमबीर सहित कई अन्य परिजनों ने इस घटना को लेकर कड़ा रोष जताते हुए कहा कि बस चालक अक्सर तेज वाहन चलाता था। कई बार पीटीएम में जाकर व स्कूल स्टाफ को भी इस बारे में बताया था लेकिन उसके बाद भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया। आज सुबह भी चालक को कोहरे के चलते आराम से बच्चों को लेकर जाने के लिए कहा था।

क्या तर्क रहा स्कूल का
जैसे ही स्कूल बस के दुर्घटनाग्रस्त होने व बच्चों के चोटिल होने का पता चला तो स्कूल संचालक, प्राचार्य व अन्य शिक्षक घायलों का हाल जानने पहुंचे। उन्होंने कहा कि बस तेज स्पीड में नहीं थी और सीटिंग के हिसाब से ही बच्चे बैठे थे। दूसरे वाहन चालक की लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ है।

कई स्कूल संचालक पहुंचे हॉस्पिटल
स्कूल बस के दुर्घटनाग्रस्त होने का पता चलते ही शहर के कई प्राइवेट स्कूल संचालक जिनमें मार्डन से राकेश कोच, बीएसएम से जितेंद्र लाठर, बाल विकास से प्रवीन छिल्लर, श्रीरामा भारती से गुप्ता सहित अन्य हॉस्पिटल पहुंचे और उन्होंने घायलों का हालचाल जाना।

हड़ताली एंबुलेंस ऑपरेटरों ने की मदद
भले ही पीजीटी माफ न करने व रजिस्ट्रेशन टैक्स में बढ़ोतरी किए जाने को लेकर प्राइवेट एंबुलेंस ऑपरेटर हड़ताल पर चल रहे हों लेकिन मंगलवार की सुबह हुई भयंकर सड़क दुर्घटना में उन्होंने अपनी ओर से मदद के लिए हाथ बंटाया। ऑपरेटर परिओम शर्मा ने बताया कि हड़ताल के बीच ही वे घायलों को हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यही नहीं दिल्ली व पीजीआई तक भी नि:शुल्क सेवा उपलब्ध कराई।

अलर्ट रहे स्वास्थ्य अधिकारी
बच्चों के साथ हुए हादसे की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी भी पूरी तरह से अलर्ट दिखे। ट्रॉमा सेंटर में सीएमओ, यहां के  एमएस, आरएमओ ने पहुंचकर चिकित्सा संबंधी कोई कमी न रहे इसको ध्यान रखते हुए पूरी व्यवस्था की और एंबुलेंस को भी हर वक्त तैयार रखने के लिए कहा।


सड़क से लेकर ट्रॉमा सेंटर तक केवल बच्चों की चीख-पुकार
बहादुरगढ़। डाबोदा के नजदीक मंगलवार की सुबह हुए हादसे में दो छात्राओं की मौत हो गई। घायल बच्चों की चीख-पुकार सुनकर इलाके के लोग सहम गए। इतना ही नहीं इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में लाए गए बच्चों को देखकर हर व्यक्ति भावुक था। परिजनों का तो रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। बच्चों की मौत पर शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों ने भी मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी। रोजाना की तरह सुबह-सुबह स्कूल के लिए तैयार होकर निकले बच्चों और परिजनों को भला क्या पता था कि किसी की गलती उनके लिए काल का ग्रास बन जाएगी। अपने-अपने बस स्टाप पर जाकर बच्चे स्कूल बस में चढ़े। लेकिन जैसे ही स्कूल बस गांव डाबोदा के नजदीक पहुंची कि हादसे का शिकार हो गई। हादसा इतना भयानक था कि चारों ओर चीख पुकार मच गई और देखने वाला हर कोई सहम गया। घटनास्थल से लेकर हास्पिटल तक बच्चों की आवाज ने सभी को झकझोर दिया।

गोयला कलां की निवासी थी छात्राएं
हादसे में गांव गोयला की ज्योति (16) और स्वीटी (13) की दर्दनाक मौत हुई। ज्योति दसवीं कक्षा की छात्रा थी तो स्वीटी सातवीं कक्षा में पढ़ती थी। ज्योति ने रोहतक-दिल्ली रोड स्थित एक निजी हास्पिटल में दम तोड़ा तो स्वीटी ने सरकारी अस्पताल में आखिरी सांस ली। इन दोनों छात्राओं के परिजनों को जब हादसे की जानकारी मिली तो उन पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा।

बच्चे करते थे अभिभावकों से शिकायत
इस घटना पर हरेक अभिभावक बेहद दुखी थे। कुछ बच्चों के परिजनों ने तो ये भी कहा कि अक्सर बच्चे घर आकर शिकायत करते थे कि उनका ड्राइवर बेहद तेज गाड़ी चलाता है, उन्हें डर लगता है। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन को शिकायत भी की गई थी, मगर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया और मंगलवार को ये हादसा हो गया।

पांच साल बाद हुआ ऐसा हादसा
स्कूल बस का इस तरह का बड़ा हादसा जिले में करीब पांच साल बाद हुआ है। वर्ष-2011 में झज्जर के कुलदीप मेमोरियल स्कूल की बस का एक्सीडेंट हुआ था। हालांकि उस हादसे में किसी बच्चे की मौत तो नहीं हुई थी, लेकिन ड्राइवर व तीन-चार बच्चे घायल जरूर हो गए थे। अब पांच साल बाद जिले में किसी स्कूली बस का बड़ा एक्सीडेंट हुआ। जिसमें दो बच्चों की मौत और बड़ी तादाद में बच्चे घायल हुए।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें