हरियाणा में विज्ञान विषय में करियर बनाने के इच्छुक छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा मूल विज्ञान विषयों अर्थात भौतिकी, रसायन शास्त्र, गणित, वनस्पति विज्ञान, जीव विज्ञान और भू-विज्ञान विषयाें का चयन करने वाले बी.एससी. (सामान्य) तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थियाें के लिए प्रमोशन ऑफ साइंस एजुकेशन (पीओएसई)स्कॉलरशिप स्कीम चलाई गई है।
विभागीय प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि चालू वित्त वर्ष 2015-16 में विद्यार्थियाें की सुविधा के लिए पीओएसई छात्रवृत्ति योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।
चयनित विद्यार्थियाें को छात्रवृत्ति का वितरण उनके बैंक खाते में एनइएफटी/आरटीजीएस के माध्यम से इलैक्ट्रॉनिक रूप में किया जाएगा। विज्ञान शिक्षा के प्रोत्साहन हेतु मेधावी विद्यार्थियों को पीओएसई स्कॉलरशिप प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 3 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है।
प्रतिभा प्रोत्साहन के लिए चलाई गई योजना
उन्होंने बताया कि यह योजना विज्ञान शिक्षा के लिए मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने तथा उच्चतर स्तर तक विज्ञान शिक्षा जारी रखने में उनकी सहायता के लिए शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रति वर्ष बी.एससी. के लिए दसवीं तथा बारहवीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तथा एम.एससी. के लिए दसवीं, बारहवीं तथा बी.एससी. में प्राप्त अंकों के आधार पर प्रति बी.एससी. प्रथम वर्ष तथा एम.एससी.(प्रीवियस) के 100-100 विद्यार्थियों का चयन किया जाता है।
यह होंगे योजना की पात्रता के मानदण्ड
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को बी.एससी. कक्षाओं के लिए 12वीं कक्षा में न्यूनतम 85 प्रतिशत अंक तथा एम.एससी. कक्षाओं के लिए बी.एससी. में कम से कम 75 प्रतिशत अंक की पात्रता निर्धारित की गई है।
बी.एससी. सामान्य पाठ्यक्रमाें के लिए छात्रवृत्ति राशि के रूप में 4,000 रुपये प्रतिमाह और 4,000 रुपये वार्षिक कंटीजेंसी राशि दी जाएगी। यह छात्रवृत्ति बी.एससी. के पूरे पाठ्यक्रम अर्थात तीन वर्षों तक दी जाएगी बशर्ते कि प्रत्येक समेस्टर में 60 प्रतिशत अंक तथा 75 प्रतिशत उपस्थिति हो।
इसी प्रकार, एम.एससी. विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में 6,000 रुपये प्रतिमाह और 5,000 रुपये वार्षिक कंटीजेंसी राशि दी जाएगी। यह छात्रवृत्ति एम.एससी. के पूरे पाठ्यक्रम अर्थात दो वर्षों तक दी जाएगी, बशर्ते कि प्रत्येक समेस्टर में 60 प्रतिशत अंक तथा 75 प्रतिशत उपस्थिति हो।
यह छात्रवृत्ति पात्र विद्यार्थियों को समेस्टर आधार पर वर्ष में दो बार वितरित की जाती है।