महम के ऐतिहासिक चबूतरे की तर्ज पर ही अब कालीरामण गौत्र के लोग सिसाय कालीरामण गांव में एक न्याय चबूतरा बनवाएंगे। इस चबूतरे पर बैठकर ही गौत्र से संबंधित मामलों के निर्णय लिए जाएंगे।
सिसाय कालीरामण गांव में रविवार को कालीरामण गौत्र के लोगों की एक महापंचायत आयोजित की गई।
गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल में आयोजित इस महापंचायत में प्रदेश भर के 98 गांवों से कालीरामण गौत्र के लोगों ने हिस्सा लिया। एडवोकेट सीपी चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित यह बैठक आठ घंटे तक चली।
इसी महापंचायत में तमाम लोगों ने हाथ खड़े कर यह प्रण लिया कि वे अपने परिवार में किसी भी गर्भवती महिला का बच्चे का लिंग जानने के लिए अल्ट्रासाउंड नहीं करवाएंगे।
लड़का-लड़की एक समान का नारा भी लगाया गया। वक्ताओं ने कहा कि भ्रूण हत्या की रोकथाम को लेकर हर व्यक्ति को जागरूक होना होगा।
मंदिर की तरह पवित्र होगा चबूतरा
इस महापंचायत में जहां सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई, वहीं इस बात का फैसला लिया गया कि एक विशाल न्याय चबूतरे का निर्माण करवाया जाएगा।
महापंचायत में फैसला लिया गया कि चबूतरे की पवित्रता ऐसी हो कि उस पर बैठकर कोई व्यक्ति झूठ न बोल सके। कालीरामण चबूतरे की ख्याति किसी मंदिर के समान होगी।
महम चबूतरे की तर्ज पर कालीरामण चबूतरे पर भी सामाजिक मामलों का निपटारा किया जाएगा।
नाम के पीछे लिखेंगे पूरा गौत्र
महापंचायत में फैसला लिया गया कि इस गौत्र के तमाम लोग आज के बाद अपने नाम के पीछे कालीरामण जरूर लिखा करेंगे।
वक्ताओं ने कहा कि कालीरामण गौत्र के कुछ लोगों ने अपने नाम के पीछे शॉर्ट में राणा लिखना शुरू कर दिया है, जो गलत है।
उन्होंने कहा कि राणा अलग गौत्र है जबकि कालीरामण अलग है। भ्रांति की कोई गुंजाइश न रहे इसलिए नाम के पीछे कालीरामण लिखा जाए।
इससे न सिर्फ समाज संगठित होगा बल्कि रिश्ते करने में भी आसानी होगी। गौत्र से अपनी पहचान कराने में हर किसी को गर्व महसूस होना चाहिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पंजाब में सरदारों में भी कालीरामण गौत्र है। उनका निकास इसी गौत्र से है तो वे भाईचारे में आते हैं। उन्हें भी अगली महापंचायत में शामिल कर रायशुमारी की जाए।
एक नवंबर को बुलाई राष्ट्रीय बैठक
सिसाय कालीरामण के सरपंच अजीत कालीरामण ने कहा कि इन तमाम मुद्दों पर लिए गए फैसलों को सिरे चढ़ाने के लिए 1 नवंबर को गांव में ही राष्ट्रीय स्तर की बैठक बुलाई गई है।
इस महापंचायत में चंदाना के सरपंच सुरेंद्र, रामस्वरूप देबन, झज्जर से घासीराम, सतबीर, धर्मबीर, शेर सिंह, विजय, मामराज, होशियार सिंह, वेदप्रकाश, शमशेर, रघुबीर व कई अन्य मौजूद थे।