बहादुरगढ़। गो ग्राम स्वराज यात्रा के तहत संत गोपालदास बृहस्पतिवार को बहादुरगढ़ पहुंचे। परम गोभक्त संत गोपालदास ने शहरवासियों को गोरक्षा/सेवा का संकल्प दिलाया। गोपालदास ने कहा कि यदि गोवंश को बचाना है तो हिंदूओं को एक होना होना ही होगा। गोभक्त संत गोपालदास को शहर के नया गांव बाइपास से सर छोटूराम धर्मशाला तक खुली जीप में लाया गया।
इस दौरान उनकी जीप के आगे गोभक्त बाइक के काफिलों में गोमाता की जय के नारे लगाते चल रहे थे। सर छोटूराम धर्मशाला में पहुंचने पर धर्मशाला अध्यक्ष सज्जन सिंह दलाल ने अपनी कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ संत गोपालदाल का स्वागत किया। अपने संबोधन में संत गोपालदास ने कहा कि उनका यह कार्यक्रम गऊ ग्राम स्वराज यात्रा के तहत किया जा रहा है। यह यात्रा समस्त हरियाणा से होकर गुजरेगी। इस यात्रा के माध्यम सें गोवंश की दुर्दशा, गोचरान की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त करवाना, खेतों में रासायनिक खाद की जगह गोवंश के गोबर का प्रयोग, सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश को सरकार से सहारा दिलाने को समाज के सहयोग से सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
संत गोपालदास ने कहा कि उन्हें भाजपा से उम्मीद थी कि सरकार आने पर संसद में गोरक्षा बिल पारित होगा लेकिन होने के बाद भी गोरक्षा बिल नहीं ला पा रही है। इस अवसर पर संत गोपालदास से प्रभावित होकर भयराम राठी नामक व्यक्ति ने अपना संपूर्ण जीवन गोसेवा व अन्य सामाजिक कार्यों में लगाने का निर्णय लिया। संत गोपालदास ने 7 नवंबर को जंतर-मंतर पर सभी गोसेवकों को आने का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर गोरक्षा दल, गोरक्षक सेना, श्री श्याम सेवा समिति माजरा, गोधन सेवा समिति सांखोल, श्री राधे गोसेवा समिति नया गांव रोड, ह्यूमन सोसाइटी, श्री श्याम बाबा जनसेवा समिति, वीरेंद्र कौशिक, भारत नागपाल, राजेश खतरी, बुल्लड़ पहलवान, नवीन दलाल, अजीत दलाल, सुनील छिल्लर, बिजेंद्र राठी, सुशील राठी, सुदामा तायल, रमेश राठी, संजीव मलिक, अमित आर्य, कृष्ण चावला, ललित यादव, सुदामा तायल सहित अनेक गोभक्त उपस्थित रहे।