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Satta Ka Sangram: झज्जर में कितना हुआ विकास? चाय पर चर्चा में जानें यहां की जनता किन मुद्दों पर करेगी मतदान

Wed, 02 Oct 2024 09:48 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, झज्जर

सार

सत्ता का संग्राम अभियान के तहत अमर उजाला टीम ने आज झज्जर के मतदाताओं से बातचीत की। यहां के मतदाताओं से उनके इस बार विधानसभा चुनाव में मुद्दों को जानने की कोशिश की गई।
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झज्जर से चाय पर चुनावी चर्चा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा की 90 विधानसभा सीट के लिए 5 अक्तूबर को मतदान होगा और मतगणना 8 अक्तूबर को होगी। इससे पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' हरियाणा के मतदाताओं का सियासी मूड जानने निकला है। सत्ता का संग्राम अभियान के तहत अमर उजाला टीम ने आज झज्जर के मतदाताओं से बातचीत की। यहां के मतदाताओं से उनके इस बार विधानसभा चुनाव में मुद्दों को जानने की कोशिश की गई। उनसे जानने की कोशिश की गई कि यहां कितना विकास हुआ है। दावे और वादों को लेकर भी चर्चा की गई।

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एक मतदाता ने कहा कि जो हमारे व्यापारियों के हित की बात करेगा हम उसके साथ हैं। पिछले 10 वर्षों में जो काम हुए हैं उनसे हमें मायूसी नजर आती हैं। सरकार अपने वादों पर खरा नहीं उतरी है। हमारा विधायक विपक्ष में हैं, उनकी बात नहीं सुनी जाती। एक अन्य मतदाता ने कहा कि झज्जर में किसी पार्टी ने विकास नहीं किया। भाजपा और कांग्रेस एक जैसी हैं। इस तरफ किसी ने नहीं ध्यान नहीं दिया। 

एक और मतदाता ने कहा कि झज्जर में अपराध बढ़ रहा है। सीसीटीवी की व्यवस्था नहीं है। बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। हर दुकान-घर के सामने पानी जमा हो जाता है। भाजपा सरकार ने यहां पर किसी भी तरफ ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस सरकार में काम हुआ, लेकिन भाजपा सरकार में तो कोई काम नहीं हुआ। इस बार भाजपा को मतदान नहीं करेंगे। एक अन्य मतदाता ने कहा कि हम चाहते हैं कि झज्जर में विकास हो। दिल्ली के पास होने के बावजूद भी यहां की हालत बदतर है। दिल्ली से कनेक्टिविटी नहीं है। यहां भाजपा और कांग्रेस के बीच टक्कर है।
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बता दें कि हरियाणा विधानसभा में 90 सीटें हैं। यहां 5 अक्तूबर को मतदान होगा और मतगणना 8 अक्तूबर को होगी। बहुमत के लिए 46 का आंकड़ा चाहिए। पिछली बार भाजपा 40 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। इसके बाद भाजपा ने दस सीटें जीतने वाली जजपा के साथ मिलकर सरकार का गठन किया था। कांग्रेस को 31 सीटें मिली थीं। एक-एक सीट इनेलो और हलोपा के खाते में आई थी।सात सीटें निर्दलीयों ने जीती थी।
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