किसान अजय स्थानीय निवासी को पौधों के बारे में जानकारी देते हुए।
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दोनों दोस्तों ने साथ शुरू की नर्सरी
दोनों दोस्तों ने साथ मिलकर दो साल पहले नर्सरी की शुरूआत की उन्होंने बताया कि कोरोना काल में जब सब पौधा रोपन कर रहे थे। उस समय नर्सरी की शुरूआत करने की सोची। लोगों के अच्छे रुझान को देखते हुए नर्सरी में फलदार, छायादार और सब्जियों की पौध तैयार कर रहे है। इस नर्सरी से वह सालाना करीबन दो लाख रुपये की कमाई कर रहे है।
अजय ने बताया कि वह अपनी नर्सरी को ओर अधिक आधुनिक बनाने की तैयारी कर रहे। जिसके बाद किसानों को हर समय सब्जियों की पौध तैयार मिल सकेगी। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीबन एक साल में यह नर्सरी बनकर तैयार हो जाएगी। नर्सरी में तैयार फलदार व छायादार पौधे 20 रुपये से एक हजार रुपये तक बेचते है।