बहादुरगढ़। सेक्टर-13 निवासियों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं के रही है। समस्याओं को लेकर सेक्टर 13 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी विजय राठी से मुलाकात की। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने सेक्टर की समस्याओं का विस्तृत विवरण देते हुए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और कहा कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद उनकी परेशानियों का कोई समाधान नहीं हो रहा।
संपदा अधिकारी विजय राठी ने आश्वासन दिया कि सेक्टर-13 की सभी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा के लिए 12 दिसंबर को बैठक बुलाई है, जिसमें तकनीकी अधिकारियों सहित संबंधित सभी विभागीय अधिकारियों को बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर समस्या पर विस्तार से विचार-विमर्श कर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे और तब तक जो भी समस्याएं तात्कालिक रूप से हल की जा सकती हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
आरडब्ल्यूए के प्रधान राजबीर दलाल ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी समस्याओं को लेकर एसडीएम से लेकर डीसी तक कई अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि एचएसवीपी के अधिकारियों द्वारा सेक्टर की सड़कों के निर्माण में भारी अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है।
सेक्टर की सड़कों के निर्माण के लिए 6 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आई थी, लेकिन जिन जगहों पर कोई मकान नहीं हैं और जहां आवाजाही तक नहीं होती, वहां सड़कें पहले बना दी गई। जिन मार्गों पर रोजाना हजारों की संख्या में सेक्टरवासी चलते हैं और जहां घनी आबादी है, उन सड़कों को बिना विकसित किए ही छोड़ दिया गया है। अब अधिकारी बजट खत्म होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
अगर अब भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे या तो पूरे सेक्टर को इकट्ठा करके रोड पर बैठकर प्रदर्शन करेंगे या फिर सीएम से मिलकर समस्या के समाधान की मांग करेंगे। सेक्टर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। दो साल से अधिक समय से सफाई का टेंडर नहीं लगा है। कई जगहों पर सीवरेज लगातार ओवरफ्लो हो रहा है।
आरडब्ल्यूए ने की मांग
सीवर लाइन को तुरंत चालू करें, अवैध कब्जे खाली कराकर शॉपिंग सेंटर बनाया जाए, खाली प्लॉटों में झाड़ियों को साफ करवाएं, दिशासूचक साइन बोर्ड लगाएं, जरूरी स्थानों पर ब्रेकर बनवाएं, सेक्टर 13 के सभी पार्कों की मरम्मत व रखरखाव सुनिश्चित हो।
सेक्टरवासी पिछले दो सालों से असुविधाओं के बीच जीवन जी रहे हैं, अधिकारियों को पता होने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा।
- विजय कुमार, महासचिव, आरडब्ल्यूए