झज्जर। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा और सरकार के अधिकारियों के बीच 29 नवंबर 2023 को बनी सहमति को लागू करवाने की मांग को लेकर प्रदेश भर के सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को सांकेतिक धरना दिया। उनका धरना बुधवार को भी जारी रहेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान नरेश और संचालन जिला सचिव संदीप कुमार मारौत ने किया। संदीप कुमार मारौत ने कहा कि 51 दिन के लंबे आंदोलन के बाद 29 नवंबर 2023 को विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल मलिक की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में वार्ता हुई थी। उस दौरान ग्रामीण सफाई कर्मियों को पक्का करने का प्रस्ताव भेजने, 17 हजार रुपये मानदेय देने, 3 प्रतिशत सालाना मानदेय बढ़ोतरी लागू करने और 60 साल के बाद 2 लाख रुपये सेवानिवृत्ति लाभ देने की सहमति बनी थी। यह भी सहमति बनी थी कि एक माह में इस पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इस वार्ता को करीबन डेढ़ माह हो चुका है। अभी तक इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। इसको लेकर सफाईकर्मियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
यूनियन के नेताओं ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी मानदेय पर काम करते हुए पिछले 17 साल से शोषण और बेगार की मार झेल रहे हैं। ये कर्मचारी जब अपने हकों और मांगों को लेकर संघर्ष रहे हैं तो सरकार उपेक्षा कर रही है। कहा कि आगामी 4 फरवरी को कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने सहित अन्य मांगों को लेकर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर पर आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय आक्रोश रैली में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। 16 फरवरी को राज्य भर में एक दिवसीय काम छोड़ो हड़ताल करके जिला स्तर पर उपायुक्त/डीसीपीओ कार्यलयों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करेंगे। इस अवसर पर सरोज, किरण, ब्रह्मपाल, सुनील, रामभगत मौजूद रहे।