झज्जर। शहर के बीडीपीओ कार्यालय पर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल वीरवार को 44वें दिन भी जारी रही। सरकार द्वारा ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान की पहल न करने से खफा कर्मचारियों ने हड़ताल को एक दिसंबर तक बढ़ाने का ऐलान किया।
वीरवार को हड़ताल की अध्यक्षता रामभगत व संचालन संदीप कुमार मारोत ने किया किया। यूनियन के नेता जिला सचिव संदीप कुमार मारोत ने बताया कि हरियाणा सरकार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों से बेगार करवा रही है। 17 साल से स्थाई काम पर अस्थाई सफाई कर्मचारी रखकर काम लिया जा रहा है और पूरा वेतन भी नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा 2014 के चुनावी घोषणा पत्र में 15 हजार वेतन देने का वायदा करने वाली भाजपा सरकार ने वेतन में भारी गैर बराबरी पैदा करके सफाई कर्मचारी विरोधी होने का सबूत दिया है। यूनियन ने कहा कि पिछले 44 दिन से हरियाणा के 22 जिलों के 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार हठधर्मिता पर उतरी हुई है। सरकार वार्ता करके मसलों का समाधान करने की बजाय आंदोलन को लंबा खींचकर तोड़ने की नीति अपना रही है। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार के पास अभी भी समय है। हड़ताल से बाधित होने वाले सफाई कार्य से अगर सरकार बचना चाहती है और सफाई कर्मियों के प्रति अपनी कोई हमदर्दी रखती है तो सरकार वार्ता करके मांगों और समस्याओं का समाधान करे। हरियाणा के 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहते हुए अपने आंदोलन को तेज करने पर मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी खुद सरकार की होगी।