झज्जर। संदिग्ध परिस्थितियों में परिवार से बिछड़े अथवा घर से लापता हुए लोगों का पता लगाकर उनके परिवार वालों को सौंपने में भी पुलिस अहम भूमिका निभा रही है। पुलिस द्वारा अपराधों पर नियंत्रण करने के साथ-साथ, किसी भी कारण से अपने परिवार से बिछड़े लोगों को उनके अपनों से मिलाने के लिए विशेष रूप से कड़े प्रयास किए जा रहे हैं। जनता की मदद करने व शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की शपथ लेने वाली पुलिस ने कुछ ऐसा कर दिखाया, जिससे उन परिवारों को सुखद एहसास कराया, जिनके बिछड़े स्वजन अपनों के बीच पहुंचे। रोहतक रेंज पुलिस ने पिछले करीब 9 माह की अवधि में गुमशुदा 1275 व्यक्तियों की तलाश करके उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाने का कार्य सफलतापूर्वक किया गया है। इस कार्य में रोहतक रेंज के अंतर्गत पांचों जिलों सोनीपत, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी और झज्जर पुलिस ने हिस्सा लिया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संदीप खिरवार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में रोहतक रेंज के पांचों जिलों के पुलिस अधिकारियों ने बीते 9 माह की अवधि में किसी भी वजह से अपने परिवार से बिछड़े हुए अनेक लोगों को, जिनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं, को ढूंढने के लिए विशेष रूप से प्रयास अमल में लाए गए। रोहतक रेंज की पुलिस ने बीते नो माह की अवधि के दौरान 1275 गुम हुए लोगों को ढूंढ निकाला।
1733 लोग हुए थे गायब
संदिग्ध परिस्थितियों में अपने परिवारों से बिछड़े और पुलिस द्वारा बरामद किए गए लोगों में 833 महिलाएं व 442 पुरुष थे। वर्ष 2020 के दौरान 1733 गुम हुए लोगों में से 1275 लोगों को ढुंढवाकर विधिक प्रक्रिया अनुसार पुलिस द्वारा उनके परिजनों के सुपूर्द किया गया। लंबे समय से गुम लोगों के मिलने से उनके परिजनो में जहां हर्ष व्याप्त है, वहीं शेष गुमशुदा लोगों के परिजनों में भी आशा की किरण जगी है। गुमशुदा व्यक्तियों को प्रदेश के अन्य जिलों के अतिरिक्त दूसरे राज्यों से भी ढूंढा गया। इस कार्य के लिए गैर सरकारी संगठनों सहित जिला स्तर पर विभिन्न खोजी टीमों का गठन किया गया। टीमों ने आश्रय घरों, प्लेटफार्मों, बस स्टैंड, धार्मिक स्थानों का दौरा किया और बच्चों सहित अनेक व्यक्तियों की जांच की गई। इस दौरान गुमशुदा चल रहे 341 पुरुष, 741महिला तथा 92 लड़कियां और 105 लड़कों समेत कुल 197 बच्चों को ढूंढकर उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। गुमशुदा को तलाशने में सबसे ज्यादा रोहतक जिले में 418 लापता लोगों का पता लगाया गया। सोनीपत में 336 , भिवानी में 264, झज्जर में 165 और चरखी दादरी में 92 लापता व्यक्तियों का पता लगाया गया।
पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष का विशेष अभियान सबसे सफल रहा। वर्तमान में सबसे अधिक रोहतक में 96, सोनीपत में 146, झज्जर में 132, भिवानी में 65 तथा चरखी दादरी में 19 लोग लापता हैं। 30 सितंबर 2020 तक रेंज में कुल 1733 लोगों के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई। इनमें से 1275 लोगों का पता लगाया जा चुका है।