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गुरुग्राम जल वितरण नहर में आई 20 फीट की दरार, 75 एकड़ में फसल डूबी

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टूटी हुई नहर का दृश्य। - फोटो : Bahadurgarh
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बादली। गुुुरुग्राम सीमा पर एम्स-टू के पास से गुरुग्राम जल वितरण नहर (जीडब्ल्यूएस) में वीरवार देर रात करीब 20 फुट की दरार आ गई। नहर टूटने से पानी का बहाव खेतों में हो गया, जिससे करीब 75 एकड़ धान और बाजरा की फसल डूब गई। पानी गुरुग्राम रोड के पास से दूसरी तरफ के खेतों में पहुंच गया। सूचना मिलने पर किसान और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और दरार पाटने का काम शुरू किया। वहीं, गांव के सरपंच प्रतिनिधि जोगेंद्र ने किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
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जानकारी के अनुसार माइनर वीरवार देर रात मुंडाखेड़ा पंप हाउस से कुछ ही दूरी पर टूटी। बादली क्षेत्र से गुजरने वाली गुरुग्राम जल वितरण नहर के टूटने का पता किसानों को उस समय लगा जब वह सुबह खेतों की ओर घूमने के लिए गए। नहर टूटने से आसपास के खेतों में धान, ज्वार, बाजरा, ग्वार व अन्य फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने बताया कि फसलें कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन अब डूबने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो गया है।
वहीं, सूचना मिलते ही विभाग के एसडीओ विनोद कुमार मौके पर पहुंचे। इसके बाद जेसीबी और मजदूरों की मदद से शुक्रवार दोपहर तक माइनर को जोड़ने का काम किया गया। हालांकि इस दौरान पानी का बहाव भी बंद करवाया गया। गांव के सरपंच प्रतिनिधि जोगेंद्र ने उपमंडल अधिकारी को स्थिति से अवगत करवाया। मौके पर पटवारी यज्ञदत्त भी पहुंचे और उन्होंने पानी भराव क्षेत्र का जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुग्राम जल वितरण माइनर पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। माइनर से गुरुग्राम में प्रतिदिन करीब 125 क्यूसेक पानी की सप्लाई होती है। माइनर को कभी बंद नहीं किया जाता है। बार-बार माइनर टूटने से क्षेत्र के किसानों के लिए बर्बादी का कारण बन रही है।
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