कर्मी मांगों को लेकर पांच घंटे तक जीएम कार्यालय के सामने डटे रहे और कहा कि जीएम यहां आएं और हमारी समस्या सुनें तक जाकर धरना समाप्त किया जाएगा।
धरने के दौरान 5 घंटे बसों के पहिए थम गए। बसों के न चलने के कारण विभिन्न स्थानों को जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों से रूबरू होना पड़ा। वहीं दूसरी तरफ रोडवेज कर्मियों की इस हड़ताल का निजी बस चालकों व सवारी वाहनों ने जमकर फायदा उठाया। कर्मियों के रुख को देखते हुए आखिरकार जीएम आए तब जाकर पांच घंटे बाद रोडवेज सुविधा बहाल हो सकी।
प्रदेश भर मांगों को लेकर धरना
हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन इंटक के राज्य प्रधान अनूप सहरावत ने बताया कि हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने शुक्रवार को प्रदेश भर में डिपो लेवल पर धरना प्रदर्शन कर जीएम का घेराव किया तथा उन्हें अपनी मांगों से अवगत कराया। झज्जर के भी लगभग 150 कर्मचारी जीएम का घेराव करने के लिए सुबह 9 बजे बस स्टैंड से पंचायत भवन की तरफ प्रदर्शन करते हुए रवाना हुए। प्रदर्शन की अध्यक्षता तालमेल कमेटी के सदस्य हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन इंटक का डिपो प्रधान शिवचरण गुलिया, हरियाणा कर्मचार महासंघ का डिपो प्रधान कर्मबीर चाहार व सर्व कर्मचारी संघ का डिपो प्रधान सतपाल यादव ने किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की।
जीएम मिले गायब, चलता रहा धरना
9 बजे बस स्टैंड से चलने के बाद सवा 9 बजे कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए जीएम कार्यालय में पहुंच गए। मगर जीएम महताब सिंह खरब वहां पर नहीं मिले। इस पर सभी कर्मचारी उनके कार्यालय के बाहर ही धरना देकर बैठ गए। सरकार व रोडवेज जीएम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। ऐसे ही 3 घंटे निकल गए। 12 बजे तक भी जब जीएम नहीं पहुंचे तो तालमेल कमेटी ने सीआईडी के माध्यम से जिला प्रशासन को एक घंटे का अल्टीमेटम दिया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर एक घंटे में जीएम कर्मचारियों की बात सुनने के लिए नहीं पहुंचे तो वे डिपो को बंद कर देंगे, चक्का जाम कर देंगे। कर्मचारियों के इस अल्टीमेटम पर पौने एक बजे जीएम महताब सिंह खरब अपने कार्यालय में पहुंच गए। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने कर्मचारियों के साथ बातचीत की। उसके बाद कहीं जाकर कर्मचारियों का गुस्सा शांत हो पाया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर जीएम महताब सिंह खरब वादा खिलाफी करते हैं तो तालमेल कमेटी दिवाली के बाद बड़ा आंदोलन शुरू कर देगी। इस मौके पर डॉ. अभय सिंह, जगबीर सुहाग, राकेश सिलानी, अमित सिंह सहरावत, एसकेएक के प्रदेश सचिव धर्मबीर हुड्डा, ओमप्रकाश दादनपुर, जितेंद्र सिलानी, प्रदीप खाचरौली आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
ये मांगें हुई पूरी
2012 व 14 में भर्ती किए गए चालक व परिचालक का सीपीएफ काटने का आश्वासन दिया गया। (सर्विश प्रोविजन फंड)
एलटीसी का भुगतान 31 दिसंबर तक कर दिया जाएगा।
परिचालकों की जो रिपोर्ट करता है पैकिंग स्टाफ के नियम होंगे नियमों के आधार पर रिपोर्ट।
4 सीएल एक साथ ले सकते हैं।
पेंडिंग ओवर टाईम का भुगतान एक सप्ताह में किया जाएगा, भविष्य में हर महीने मिल जाएगा
वर्कशॉप का रात्री भत्ता हर महीने वेतन के साथ ड्रा हो जाएगा
जूनियर कर्मचारी को जूनियर ड्यूटी दी जाएगी तथा सीनियर कर्मचारी को सीनियर ड्यूटी दी जाएगी
यात्री हुए परेशान
कर्मचारियों के धरने व प्रदर्शन के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बसें खड़ी हो गई तथा सभी बूथों पर निजी बसें खड़ी दिखाई दी। यात्रियों को भी मजबूरी में प्राइवेट बसों में ही सफर करना पड़ा। दोपहर लगभग डेढ़ बजे तक यातायात व्यवस्था फिर से पटरी पर आ सकी। वहीं लोग वाहनों पर बुरी तरह लदे दिखाई दिए। निजी वाहन चालकों ने भी भारी चांदी कूटी।
जीएम पर लगाया लापरवाही का आरोप
अनूप सिंह सहरावत ने बताया कि नियमों के अनुसार डिपो के जीएम को प्रत्येक माह में 500 किलोमीटर तथा टीएम को 750 किलोमीटर चेकिंग करनी होती है। मगर यहां पर न तो जीएम तथा न ही टीएम इस नियम को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार के कलेंडर की छुट्टियां रनिंग स्टाफ को नहीं मिल रही हैं।