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पर्याप्त बारिश न होने से किसानों में रही निराशा

Fri, 06 Nov 2015 01:00 AM IST
अमर उजाला झज्जर/ब्यूरो
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बरसात हुई... किसानों के चेहरे भी खिले, लेकिन अरमान अधूरे रह गए। यदि ठीकठाक बरसात होती तो गेहूं की सिंचाई के लिए किसानों को काफी फायदा होता।
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इन दिनों में होने वाली बरसात किसानों के लिए सोने से कम नहीं हैं, मगर बादलों की बेरुखी ने किसानों के अरमानों को अधूरा ही छोड़ दिया। किसान गेहूं की बिजाई कार्य के लिए सिंचाई कार्य में व्यस्त हैं।

वीरवार सुबह किसानों ने बादलों को निहारते हुए ट्यूबवेल नहीं चलाए, क्योंकि उन्हें बरसात की उम्मीद लग रही थी। मगर बादल दोपहर तक बूंदाबांदी करने के बाद नजर नहीं आए।
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हालांकि किसान आसमान में उमड़े बादलों को निहारते रहे, मगर राहत नहीं मिली। इस समय अगर बरसात होती है तो किसानों के लिए सोने पर सुहागा से कम नहीं है।

बरसात होने से किसानों को जहां सरसों की बिजाई के लिए अतिरिक्त नमी मिलेगी, वहीं बरसात गेहूं बिजाई के लिए सोना साबित होगी।

बरसात से धान की कटाई प्रभावित नहीं होगी और न ही नुकसान होगा, जबकि सरसों और गेहूं की बिजाई में बरसात किसानों को बड़ी राहत पहुंचाने का काम करेगी।

उधर, कृषि विशेषज्ञ एवं एडीओ प्रदीप राठी का कहना है कि इस मौसम की बरसात किसानों के लिए बेहद उपयोगी है। बेशक थोड़ी हुई, लेकिन किसान इसका लाभ उठा सकते हैं।

अब किसानों को तुरंत सिंचाई कार्य करना चाहिए, ताकि बरसात की नमी का फायदा उठाया जा सके।
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