रोडवेज कर्मचारी यूनियन के निर्धारित राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत झज्जर डिपो में डिपो प्रधान कर्मबीर चाहर की अध्यक्षता में विरोध प्रदर्शन व धरने का आयोजन किया गया। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय सचिव विरेंद्र धनखड़ व रोडवेज यूनियन के प्रदेश सचिव जगबीर सुहाग ने सरकार की कड़े शब्दों में निंदा की।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि विभाग की कुछ मांगें जो वार्ता के दौरान मानी जा चुकी हैं उन्हें आज तक लागू नहीं किया गया। जिसके कारण रोडवेज कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष है। सरकार नई परिवहन नीति को लागू कर विभाग को निजी करने पर तुली हुई है। कर्मचारियों ने सरकार से सभी कच्चे कर्मचारियों पक्का करना, कार्यालय व कार्यशाला के कर्मचारियों की भर्ती प्रारंभ करना, बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से बेड़े में 10 हजार बस शामिल करना, अवैध वाहनों पर पूर्ण रोक लगाना, कर्मशाला को एसीपी लाभ देना, लंबे रूट पर चलने वाली गाडिय़ों को सुरक्षा मुहैया कराना, एक माह के वेतन के बराबर बोनस देना व संगठन द्वारा सौंपे गए 32 सूत्रीय मांग पत्र लागू करने की मांग की है। रोडवेज यूनियन के राज्य प्रधान वीरेंद्र धनखड़ का कहना है कि लंबे समय से वो अपनी मांगो को लेकर सरकार को आगाह करते आ रहे हैं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नही रेंग रही है। धनखड़ की माने तो इस बार रोडवेज का कर्मचारी आर-पार की लड़ाई करेगा। उन्होंने बताया कि 6 अगस्त को रोडवेज के कर्मचारी करीब 10 हजार की संख्या में पानीपत में परिवहन मंत्री के निवास का घेराव करेंगे। इसके बावजूद भी सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है तो आगामी दो सितंबर को पूरा हरियाणा बंद कर दिया जाएगा।