बहादुरगढ़। इलाके के छह गांवों में अब रात के समय रोडवेज की बसें नहीं ठहरेंगी। हरियाणा राज्य परिवहन निगम के महाप्रबंधक के आदेश पर गांव सुर्खपुर, पाहसोर, दुजाना, महराणा, दहकोरा और खरहर से ये सेवा वापस ली गई है। निगम के इस कदम से यात्रियों को जरूर परेशानी होगी।
समय पूरा होने के बाद रात को ड्राइवर बसों को अपने गांव तक ले जाते हैं। इस एक्सट्रा टाइम में गांव तक जो पर्चियां (टिकट) कटती, इससे निगम को भी फायदा मिलता और सवारियाें को भी अपने घर तक आने में आसानी हो जाती है। बहादुरगढ़ डिपो की बसों का भी गांव सुर्खपुर, पाहसोर, दुजाना, महाराणा, दहकोरा और खरहर में रात्रि को ठहराव होता था। इस सेवा का देर रात इन गांवों या इन रूट के बीच पर पड़ने वाले गांवों के यात्रियों को लाभ हो रहा था। मगर गत 23 अगस्त को इन तमाम गांवों में हरियाणा रोडवेज की बसों का ठहराव बंद कर दिया गया है। अब ये बसें बहादुरगढ़ डिपो पर ही आकर खड़ी होंगी।
डिपो से इन गांवों की दूरी 12 किलोमीटर और उससे ज्यादा है। कई और गांव बीच में पड़ते हैं। बसों का ठहराव बंद होने से इन गांवों के निवासियों को खासी परेशानी होगी। दहकोरा निवासी शौर्य ने कहा कि नौकरी के लिए बाहर जाने वाले कई लोग देर रात तक गांव में आते हैं। रात के समय निजी वाहनों पर भरोसा नहीं हो पाता। अब सरकारी बस सेवा भी बंद हो गई है। जिससे परेशानी बढ़ गई है।
निगम को अपने इस फैसले पर पुन: विचार करना चाहिए। उधर, बहादुरगढ़ के डिपो इंचार्ज जयसिंह दुजाना ने बताया कि इन छहों गांवों में बस के ठहराव से निगम को नुकसान हो रहा था। सवारियां इतनी नहीं थी, जितनी तेल की खपत हो रही थी। इस वजह से इन गांवों से ये सेवा वापस ली गई है। भविष्य में यदि सवारियां बढ़ी तो शायद इन गांवों में बसों का ठहराव हो जाए।