झज्जर। सर्दी शुरू हो गई है। कोहरा भी पड़ने लगा है। रात के समय काफी घनी धुंध हो रही है लेकिन लोकल रूट पर चल रही रोडवेज की बसों में अभी तक फॉग लाइट नहीं लगी है। ऐसे में हादसों की आशंका भी बनी हुई है। कई बसों में शीशे भी खराब या जाम हालत में हैं। ऐसे में ठंड के मौसम में यात्रियों को परेशानी हो सकती है। हालांकि नई बी 6 बसों में फॉग लाइट कंपनी की ओर से पहले से ही लगाई गई है।
झज्जर डिपो से करीब 200 बसें संचालित हैं। इनमें 174 बसें डिपो की हैं और 26 बसें अनुबंधित हैं। इन बसों से प्रतिदिन 25 से 30 हजार से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। फिलहाल रोडवेज ने लंबे रूटों पर चलने वाली 38 बसों पर ही फॉग लाइट, बैक लाइट, इंडीकेटर लगाए हैं। लोकल बसों पर चलने वाली बसों में फॉग लाइट नहीं लगाई गई हैं। कुछ चालकों ने अपनी खर्चे से फॉग लाइट लगवा रहे हैं। कुछ बसों में शीशे भी क्षतिग्रस्त हैं। अब तक उन्हें बदलवाया नहीं गया है, ऐसे में सफर करने पर तेज हवा अंदर आती है। कोहरे में फाॅग लाइट नहीं रहने पर सामान्य लाइट से ज्यादा परेशानी होती है। सड़क स्पष्ट नहीं दिखती है, जिससे दुर्घटना की आशंका है। कई बसों की बैक लाइट व रिफ्लेक्टर भी खराब है। ठंड और कोहरे को देखते हुए अधिकारियों ने अनुबंधित बसों के संचालकों को तीन दिन में बसों के शीशे ठीक कराने के साथ ही फाॅग लाइटें लगवाने के निर्देश दिए हैं। बसों में अन्य खामियों को भी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे यात्रियों को यात्रा करने में परेशानी न हो।
वर्कशॉप में रोजाना होती है बसों की जांच
सुपरवाइजर प्रमोद कुमार ने बताया कि हर रोज सुबह छह से आठ बजे तक वर्कशॉप में पहुंचकर बसों की जांच करने की व्यवस्था शुरू की गई। वह स्वयं ही वर्कशॉप में पहुंचकर बसों को चेक करते हैं। दुरुस्त होने पर ही डिपो से संचालित होने के लिए भेजा जा रहा है। कमियां मिलने पर उसी समय ठीक कराया जा रहा है। अन्य कर्मचारियों को भी वर्कशॉप में बसों के आने बाद और जाने से पहले चेक करने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्जन
रोडवेज बसों में अलग से फॉग लाइट लगवाने की जरूरत नहीं है। नई बसों में कंपनी की ओर से लाइट लगाई गई हैं। सभी बसों के शीशे ठीक हैं। वर्कशॉप में चेक करने के बाद ही बसों को जाने दिया जाता है। जिन बसों में जरूरत है, वहां भी लाइट लगवाई जाएंगी।
संजीव टिहाल, वर्कशॉप प्रबंधक, हरियाणा रोडवेज डिपो, झज्जर।