झज्जर-रेवाड़ी नेशनल हाईवे बाईपास पर शाम करीब साढ़े छह बजे एचपी गैस से भरा टैंकर पलट गया। टैंकर पलटने के बाद धीरे-धीरे गैस का रिसाव होना शुरू हो गया। हादसे की सूचना के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। साथ ही यह सूचना फायर बिग्रेड को दी गई। पुलिस ने आनन-फानन में आस पास की दुकानों को बंद करवा दिया, ताकि कोई अनहोनी न हो। गैस के रिसाव के कारण शहर को करीब दस किलोमीटर तक सील कर दिया गया।
इस मार्ग पर आने-जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया। सतर्कता के चलते वहां मौजूद पुुलिस सहित अन्य कर्मचारियों को भी मोबाइल तक आन करने की इजाजत नहीं दी गई। जानकारी मिलने पर एचपी के आलाधिकारियों के अलावा बहादुरगढ़ तैनात एचपी की टीम भी झज्जर पहुंची, फिर बचाव ऑपरेशन शुरू हुआ। इस दौरान पूरे जिला प्रशासन सहित पुलिस के आलाधिकारियों और शहरवासियों की सांसे फूली रही। दूसरी गाड़ी में गैस ट्रांसफर करने की व्यवस्था की जाने लगी। इससे पूर्व फायर बिग्रेड की गाड़ियों गैस का जमाव न हो, इसके लिए पानी की बौछारें करती रही। पूरा शहर फायर बिग्रेड के सायरन से गूंजता रहा। समाचार लिखे जाने तक गैस के भरे कैंटर को दूसरे टैंकर में भरने का कार्य किया जा रहा था और पूरा शहर मौत के साए में था।
आनन-फानन में बंद हुई दुकानें, लोगों में भय का माहौल
झज्जर-रेवाड़ी बाईपास पर एचपी गैस से भरा हुआ टैंकर जिसमें करीब साढ़े 17 टन गैस थी पलट गया और धीरे-धीरे रिसाव होना शुरू हो गया। गैस के रिसाव होने की सूचना पर जहां जिला प्रशासन के होश उड़ गए। वहीं पूरे क्षेत्र में भी सनसनी फैल गई। आस-पास के दुकानदारों में भय का माहौल व्याप्त हो गया और दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर अपने घरों की ओर कूच कर गए।
पुलिस ने लगाए शहर के चारो ओर नाके
गैस रिसाव होने के चलते किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पूरा पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। शहर के चारो ओर नाके लगाकर आने-जाने वाले वाहनों को एहतियात के तौर पर रोक दिया गया। स्थिति यह थी कि पुलिस के अलावा जिला पुलिस के आलाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
मोबाइल फोन आन करने की भी नहीं थी इजाजत
मामले की संगीनता इस बात से ही जाहिर होती है कि जहां टैंकर पलटा हुआ था उसके करीब मोबाइल फोन आन करने की भी इजाजत नहीं थी। पुलिस अधिकारी स्वयं पूरी स्थिति पर नजर जमाए हुए थे।
गाड़ी के पलटने के दोनों ओर स्थित है पेट्रोल पंप
जिला प्रशासन और शहरवासियों के होश इसलिए भी ज्यादा फाख्ता हो गए। क्योंकि जहां टैंकर पलटने से गैस का रिसाव हो रहा था, उसके दोनों ओर करीब 100 मीटर की दूरी पर ही पेट्रोल पंप भी है। ऐसे में स्थिति ज्यादा खराब न हो, इसलिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए और पेट्रोल पंप संचालकों सहित शहरवासियों की भी सांसें अटकी रही।
गैस का जमाव न हो इसके लिए लगातार हो रही थी पानी की बौछार
गैस का जमाव होने से ज्यादा दिक्कत हो सकती थी। इसीलिए फायर बिग्रेड की गाड़ियां लगातार पानी की बौछारें कर रही थी, ताकि कोई अनहोनी घटना घटित न हो। एचपी से आए अधिकारी संजय ने बताया कि लगातार पानी की बौछार करने से गैस का जमाव नहीं होगा। अगर गैस का जमाव होता है तो परेशानी हो सकती है।
दूसरी गाड़ी में गैस को किया जा रहा है स्थानांतरण
एचपी कंपनी, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी किसी भी तरह की बात को हलके में लेने के मूड में नहीं दिखाई दिए। किसी तरह की अप्रिय घटना घटित न हो, इसके लिए बहादुरगढ़ से संजय के नेतृत्व में आई टीम ने दूसरी गाड़ी में गैस का स्थानांतरण करने का कार्य संभाला। बहादुरगढ़ से गैस भरने के लिए लाए गए टैंकर का कंप्रेशर टूट गया, जिसके बाद अन्य टैंकर को मौके पर बुलाकर उसमें गैस भरी जा रही है। वहीं सतर्कता के लिए तीन क्रेन, तीन अन्य फायर बिग्रेड गाड़ी मंगाई गई। साथ ही आस-पास की लाइट भी काट दी गई, ताकि कोई अनहोनी न हो। समाचार लिखे जाने तक गैस का दूसरी गाड़ी मे स्थानांतरण करने का काम जारी था और एसडीएम, तहसीलदार, डीएसपी सहित अन्य आलाधिकारी मौके पर मौजूद थे।
वैकल्पिक रास्तों से निकले वाहन
पुलिस द्वारा शहर को सील कर दिया गया और कई किलोमीटर की दूरी पर ही वाहनों को इस मार्ग पर जाने के लिए रोक दिया गया। पुलिस कर्मी वैकल्पिक रास्तों से वाहनों को निकालने में व्यस्त रहे ताकि वाहन चालकों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।