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जिंदगी खतरे में डालकर पार कर रहे रेलवे ट्रैक

Sun, 28 Sep 2014 11:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर बहादुरगढ़
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रेलवे स्टेशन पर रोजाना सैकड़ों लोग जिंदगी खतरे में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते हैं। रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
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इसके बावजूद न तो यात्री सबक लेने को तैयार हैं और न ही जीआरपी और रेलवे प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है। इतना ही नहीं, लापरवाही का यह मंजर रेलवे फाटकों पर भी नजर आता है।

लोग ट्रेन के गुजरे का इंतजार करने की बजाय बंद फाटक के नीचे से वाहन निकालने की जद्दोजहद में लगे रहते हैं।

दिल्ली-फिरोजपुर रूट पर आने वाले बहादुरगढ़ स्टेशन से दिन भर ट्रेनों की आवाजाही लगी रहती है। खासकर मालगाड़ी तो यहां पर बिना रोके ही निकाली जाती हैं।

इस रूट पर ट्रेनों की गति 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। ऐेसे में यात्रियों को बार-बार सूचित किया जाता है कि रेलवे ट्रैक क्रॉस करने के लिए पुल का इस्तेमाल करें।
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रेलवे स्टेशन पर दो पुल भी बने हैं। इसके बावजूद अधिकांश यात्री एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने के लिए रेलवे लाइन से होकर गुजरते हैं।

विडंबना यह है कि जिन यात्रियों के साथ छोटे बच्चे होते हैं, वो भी सुरक्षा नियमों की पालना नहीं करते। महिलाओं और बुजुर्गोँ समेत हर आयु वर्ग के लोग रेलवे लाइन से होकर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक पहुंचने की होड़ में दिखते हैं। यही आलम रेलवे फाटक पर है।

वाहन चालक ट्रेन के गुजरने का इंतजार करने की बजाय फाटक के नीचे से वाहन निकालना शुरू कर देते हैं। ट्रेन के बिल्कुल पास आने तक भी यह सिलसिला चलता रहता है।

सजा का है प्रावधान
लापरवाही से रेलवे लाइन क्रास करने पर रेलवे एक्ट-147 के तहत अभियोग दर्ज होता है। इसमें छह महीने की सजा और एक हजार रुपये तक जुर्माना का प्रावधान है।

अब तक बहादुरगढ़ में ऐसी कार्यवाही नहीं है, जिससे लापरवाही करके रेलवे ट्रैक क्रॉस करने वाले लोगों पर शिकंजा कसा जा सके।

लोग नहीं मानते
रेलवे पुलिस थाना प्रभारी सुरेंद्र ने कहा कि फुटओवर ब्रिज के बिना रेलवे ट्रैक पार करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

समय-समय पर लोगों को जागरूक भी किया जाता है, लेकिन लोग हमेशा जल्दबाजी में रहते हैं। यह जल्दबाजी ही हादसे का कारण बनती है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
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