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नेताओं के शक्ति प्रदर्शन से शहर में लग रहे जाम

Sun, 28 Sep 2014 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर बहादुरगढ़
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विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन का आखिरी दिन शहरवासियों के लिए परेशानी लेकर आया। नेताओं के शक्ति प्रदर्शन की वजह से न केवल सड़कों पर जाम लगा, बल्कि गली-मोहल्लों में भी वाहन रेंगते नजर आए।
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लोगों ने जहां नेताओं का शक्ति प्रदर्शन देखा, वहीं नेताओं ने भी शहर में विकास की हकीकत देख ली। कहीं सड़क निर्माण अधूरा पड़ा है, तो कहीं नालों का काम पूरा नहीं हुआ।

ऐसे में जाम की समस्या और गहरा गई। जाम के कारण लोगों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।

दिन भर शक्ति प्रदर्शन का दौर चलता रहा, लिहाजा जाम की समस्या भी पूरा दिन झेलनी पड़ी। कभी लोग नेताओं को कोसते नजर आए तो कभी प्रशासनिक अधिकारियों को।

शहर में शनिवार को चारों ओर जाम ही जाम नजर आया। अंबेडकर चौक से लेकर बीकानेर चौक तक सड़क निर्माण कार्य अधूरा पड़ा होने के चलते जब नेताओं का शक्ति प्रदर्शन जुलूस यहां से निकला तो यहां जाम लगा रहा।
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मुख्य बस स्टैंड रोड, छिक्कारा चौक पर नालों के निर्माण कार्य अधूरा छोड़ा होने के कारण भी दिन भर जाम की स्थिति रही।

पुराना बर्फ खाना रोड से लेकर यादव धर्मशाला और यहां से लेकर सिलानी गेट तक जाम की स्थिति सबसे ज्यादा रही। यहां पर वाहन रेंगते हुए नजर आए।

कांग्रेस प्रत्याशी गीता भुक्कल, इनेलो प्रत्याशी साधुराम झामरी, भाजपा प्रत्याशी दरियाव सिंह राजौरा, निर्दलीय प्रत्याशियों भी अपने लाव-लश्कर के साथ नामांकन करने पहुंचे। इसके चलते दिनभर लोगों को परेशानियां हुई।

क्या कहते हैं नगरवासी
नीरज कुमार कहते हैं कि नालों का निर्माण कई महीनों से पूरा नहीं किया है। इसके चलते दिनभर सड़क पर जाम लगा है। जाम लगने से दुकानदारी भी प्रभावित हुई। दुकान पर चढ़ने का कोई रास्ता भी नहीं बचा था।

करण कहते हैं कि शहर की स्थिति ज्यादा खराब है। कहीं पर सड़क निर्माण अधूरा पड़ा है, तो कहीं पर नाले का निर्माण बीच में छोड़ दिया गया है।

इस कारण शहर में दिनभर जाम लगा रहता है। व्यवस्थित ढंग से कोई काम नहीं हो रहा है। रमन बिंद्रा ने कहा कि प्रत्याशियों को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि उनके शक्ति प्रदर्शन से आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न आए।
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उन्होंने कहा कि नेताओं ने भी शहर की हकीकत देख ली है। ऐसे में जो भी चुनाव जीते, उसे सबसे पहले इन समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

कई रास्तों पर तो इतना अधिक जाम होता है कि पांच मिनट का रास्ता तय करने में 15-20 मिनट लग जाते हैं।
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