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गुलाबों की खुशबू से महकेगा रोज गार्डन, सुविधाओं पर 25 लाख होंगे खर्च

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फोटो 04 शाम के समय रोज गार्डन में मौजूद लोग। - फोटो : CharkhiDadri
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अनदेखी के अभाव में बदहाल रोज गार्डन के दिन अब एक माह के अंदर बहुरेंगे। नगर परिषद ने यहां सुंदरीकरण और सुविधाएं बढ़ाने की योजना तैयार कर ली है। पार्षदों ने अधिकारियों के साथ पार्क का निरीक्षण कर इसे अंतिम रूप दे दिया है। इसके तहत रोज गार्डन को दोबारा गुलाब की खुशबू से महकाने के लिए फुलवारियां तैयार की जाएंगी और इनमें 100 गुलाब की पौध लगाई जाएंगी। नगर परिषद यहां जन सुविधाओं का दायरा भी बढ़ाएगी और पार्क की कायाकल्प पर करीब 25 लाख रुपये का बजट खर्च करेगी। खास बात यह है कि एक माह के अंदर धरातल पर काम पूरा हो जाएगा।
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रोज गार्डन पर शहर की करीब अस्सी हजार की आबादी निर्भर है। दो नए पार्कों का निर्माण भी नगर परिषद अब तक पूरा नहीं कर पाई है। एक पार्क का निर्माण कार्य पिछले दो साल से तो दूसरे का करीब एक साल से चल रहा है। बीच-बीच में निर्माण कार्य बंद होने पर भी अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे। वहीं, इकलौते रोज गार्डन में लोगों की संख्या को देखते हुए सुविधाओं का अभाव है। इस समय घुमने के लिए बनाया गया ट्रैक भी क्षतिग्रस्त है। रोज गार्डन का नाम कभी यहां महकने वाले गुलाबों के चलते ही पड़ा था। पिछले करीब तीन साल से फुलवारियों से गुलाब ही गायब हैं। वहीं, पिछले तीन माह से ग्रास कटर मशीन भी खराब पड़ी है। घास की समय तीन माह से कटाई नहीं होने पर सुंदरीकरण प्रभावित हो रहा है। इस समय रोज गार्डन में बेंचों की भी कमी है। वहीं, पार्क में डस्टबिन की सुविधा भी नाममात्र है। हर रोज पार्क में सुबह-शाम टहलने के लिए आठ से दस हजार लोग आते हैं।
रोज गार्डन का गत बुधवार चेयरमैन, अधिकारियों और पार्षदों ने संयुक्त निरीक्षण किया। चेयरमैन संजय छपारिया, पार्षद मनोज वर्मा, पार्षद रोहित कुमार, पूर्व पार्षद सुभाष स्वामी, विरेंद्र चरखी, ईओ अभे सिंह, एक्सईएन सुंदर श्योराण रोज गार्डन पहुंचे थे। वहीं अधिकारियों ने पार्षदों को रोज गार्डन में दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया कि एक माह के अंदर रोज गार्डन की कायाकल्प करवा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट पर करीब 25 लाख रुपये खर्च होंगे और इसका खाका तैयार किया जा चुका है।
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नमी से जर्जर दीवारों पर लगेंगी रंग-बिरंगी टाइलें व पत्थर
एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया कि पार्क की दीवारें नमी के चलते जर्जर हो चुकी हैं। अब सभी दीवारों पर रंग-बिरंगी टाइलें व पत्थर लगाया जाएगा। इससे पार्क का सुंदरीकरण बढ़ेगा। इसके अलावा दस लीटर क्षमता के पार्क में 100 डस्टबिन लगवाए जाएंगे। गुलाब की फुलवारियों को फिर से संवारा जाएगा और 100 गुलाब की पौध यहां लगाई जाएंगी। इसके अलावा पार्क में 50 आरसीसी बेंच भी बनाए जाएंगे। एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया कि इस समय ट्रैक पर कई जगह टाइलें धंसने से टूटी हुई हैं। इन टाइलों को भी बदलवाकर ट्रैक को दुरुस्त कराया जाएगा।
चार साल बाद हटी पाबंदी, 24 घंटे खुला रहेगा पार्क
पार्क की कायाकल्प के साथ-साथ नगर परिषद अधिकारियों ने इसे चौबीस घंटे खुला रखने का निर्णय लिया है। इससे पहले पार्क को सुबह साढ़े चार से नौ बजे तक और शाम को चार से नौ बजे तक खोला जाता था। एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया कि चार साल बाद अब पार्क चौबीस घंटे खुला रखने का निर्णय लिया गया है और यहां माली की संख्या भी बढ़ाकर छह कर दी गई है। इसके अलावा यहां एक चौकीदार भी नियुक्त है।
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रोज गार्डन के लिए एक सप्ताह के छोटी अंदर ग्रास कटर मशीन हम खरीद लेंगे। इसके अलावा दीवारों पर रंग-बिरंगी टाइलें, 100 डस्टबिन व 50 बेंच की
व्यवस्था की जाएगी। प्रोजेक्ट पर करीब 25 लाख खर्च होंगे और एक माह के अंदर इस काम को पूरा कर लिया जाएगा।
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