स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिंग जांच गिरोह के एक ऐसे सदस्य को काबू किया है जो भ्रूण लिंग जांच के आरोप में चार बार जेल जा चुका है। जनवरी माह में वह जमानत पर छूटकर आया। जमानत पर जेल से बाहर आते ही आरोपी ने एक बार फिर से भ्रूण लिंग जांच कराना शुरू कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रलोभन ग्राहक के माध्यम से उसे एक बार फिर काबू कर लिया। आरोपी की पहचान धर्मेंद्र उर्फ सोनू निवासी गांव भिंडावास झज्जर के रूप में हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस को आरोपी धर्मेंद्र क ो सौंप दिया है। मामले मेें स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर शहर पुलिस थाने में दलाल धर्मेंद्र व फरूखनगर की लैब के संचालक सहित 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। लिंग जांच की एवज में आरोपियों ने 60 हजार रुपये की रकम की मांग की, जो ग्राहक से ले लिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दलाल की जेब से 5500 रुपये बरामद कर लिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले दिनों विभाग को सूचना मिली थी कि गुरुग्राम मेें एक ऐसा गिरोह सक्रिय है। इसके तार झज्जर जिले के लोगों से जुड़े हुए हैं और वह भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर गर्भ में पल रहे भ्रूण की लिंग जाच कराते हैं। टीम ने पूरा मामला जिला सिविल सर्जन के संज्ञान में लाया और उसके बाद लिंग जांच गिरोह में शामिल सदस्यों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक योजना तैयार की गई। इसी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए रेवाड़ी से एक गर्भवती महिला प्रलोभन ग्राहक के रूप में तैयार की। इसी महिला ने टीम की योजना अनुसार गुरुग्राम जिले के कस्बा फरूखनगर में एक लैब के संचालक रोहित व उसके यहां काम करने वाले रवि से संपर्क स्थापित किया। लिंग जांच की एवज में रवि व रोहित ने 60 हजार रुपये की रकम की मांग की। सौदा तय हो जाने के बाद गिरोह के इन सदस्यों ने इस प्रलोभन ग्राहक को वीरवार के दिन झज्जर के नागरिक अस्पताल के सामने मिलने का समय तय किया। तय समयानुसार रवि व रोहित कार में गिरोह के सदस्यों के साथ दो बाइक सवार को साथ लेकर झज्जर पहुंचे। यहां सिविल अस्पताल के सामने रवि ने प्रलोभन ग्राहक से सिविल अस्पताल की पर्ची कटवाने की बात कही और तयशुदा 60 हजार रुपये ले लिए। सिविल अस्पताल से पर्ची कटने के बाद गिरोह के सदस्य प्रलोभन ग्राहक महिला को बाइक पर बैठाकर शहर के भगत सिंह चौक के पास स्थित एक अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां गिरोह के कुछ सदस्य अस्पताल के बाहर गाड़ी में बैठे रहे, जबकि रवि व रोहित अस्पताल के बाहर ही पूरी स्थिति पर नजर रखे रहे। इसी दौरान गिरोह में शामिल भिंडावास गांव का दलाल धर्मेंद्र महिला को लेकर अस्पताल में पहुंचा। उसे वहीं पर बैठाकर महिला की ही पुरानी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखकर उसे उसके गर्भ में लड़का होने की बात बताई। उसी दौरान पूरे मामले पर नजर रखे हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम डॉ. ममता सोनी के नेतृत्व मेें इशारा मिलते ही रेड करने पहुंची। टीम को देखते ही गिरोह के सभी सदस्य मौके से फरार हो गए, जबकि दलाल धर्मेंद्र टीम की पकड़ में आ गया। धर्मेंद्र के जेब से टीम ने 5500 रुपये बरामद किए हैं। मामले मेें स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर शहर पुलिस थाने में दलाल धर्मेंद्र सहित 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
गिरोह के इन सदस्यों में एक छात्र व एक लैब संचालक भी शामिल है। मामले में विशेष बात यह है कि धर्मेंद्र नामक जो दलाल टीम की पकड़ में आया है उस पर पहले भी तीन बार इसी संदर्भ में गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल वह अदालत से जमानत पर था।
आरोपियों के खिलाफ पुलिस में पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करा दिया गया है। आरोपी दलाल को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
डॉ. ममता सोनी, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी, झज्जर।