फोटो 73: बारिश के बाद बादली गांव के खेतों में भरा पानी।
बादली। इस बार की बारिश ने किसान को दोहरी मार दी है। खेतों में पानी जमा होने से फसलें डूब गई हैं। दूसरी तरफ रबी की बुवाई समय पर नहीं हो पाने में संदेह है। ऊपरी भाग पर कुछ किसान बुवाई की तैयारी कर रहे थे लेकिन पिछले तीन दिनों से बारिश ने बुवाई प्रभावित हुई है।
किसान आमतौर पर अक्तूबर माह के पहले सप्ताह में सरसों की बुवाई शुरू करते हैं। इसी सप्ताह में आई बारिश से खेतों में पानी भर गया। इससे सरसों की बुवाई प्रभावित हुई है। मौसम के मिजाज ने खेती का गणित बिगाड़ दिया। खेतों की नमी और आसमान में छाए बादलों को देखते हुए किसान बुवाई से बच रहे हैं।
ऐसे में सरसों के संभावित क्षेत्रफल और उत्पादन में कमी आ सकती है। किसानों का कहना है कि बुवाई में देरी होने पर पछेती किस्मों का चुनाव करना और उपयुक्त उर्वरक व बीज उपचार करना ही सही है। बारिश रुकने और खेत की मिट्टी में नमी की मात्रा नियंत्रित होने पर ही बुवाई करेंगे।
फिलहाल कम समय में पकने वाली पछेती सरसों की किस्म पर किसान विचार कर रहे हैं। कृषि विभाग के एसडीओ सुनील कौशिक ने बताया कि सरसों की अगेती बुवाई का समय चल रहा है। 15 अक्तूबर तक सरसों की अगेती बुवाई कर सकते हैं जो बारिश के चलते प्रभावित हुई है। किसानों को चाहिए कि वे खेतों की नमी का आंकलन कर फिर बुवाई करें, ताकि उत्पादन पर अधिक असर न पड़े।