झज्जर। जिले में मंगलवार दोपहर हुई तेज बारिश ने एक बार फिर खेत से लेकर मंडी तक किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। बारिश के चलते जहां शहर के कई स्थानों पर पानी भर गया। वहीं गांव समसपुर माजरा में ओले गिरने से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के साथ आई बारिश से खेतों में खड़ी फसल भी बिछ गई।
फसल कटाई का काम तीन दिन से रुका है। जिले में औसतन 17.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा झज्जर में 35, साल्हावास में 22, बहादुरगढ़ में 14, बादली में 11, मातनहेल में 4 मिमी दर्ज की गई। झज्जर अनाज मंडी में 15 हजार क्विंटल बाजरा और दो हजार क्विंटल धान की फसल भीगकर खराब हो गई। करीब तीन करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
अलावा मंडी में एक तरफ से शेड टूटकर बाजरे की फसल पर गिर गया। वहीं, अनाज मंडी के दूसरे गेट पर बारिश का पानी भरने से बाजरे की फसल खराब हो गई। इसके चलते आढ़ती लगातार परेशान हैं। पिछले तीन दिनों से जिले में बारिश हो रही है। किसानों और आढ़तियों को पिछले तीन दिनों से प्रकृति की मार झेलनी पड़ रही है।
पिछले एक माह से अनाज मंडी में बाजरा पड़ा है। करीब 20 दिन बाद मंडी में सरकारी खरीद नहीं होने के बाद बाजरे की प्राइवेट खरीद शुरू की गई। अब आढ़तियों को बारिश के कारण परेशान होना पड़ रहा है। अनाज मंडी में करीब एक माह पहले टीन शेड को ठीक किया गया था जोकि मंगलवार को तेज बारिश में एक तरफ से टूट गया।
शेड टूटने के चलते सारा पानी बाजरे की फसल के अंदर तक चला गया। बरसाती पानी से भीगे बाजरे की फसल को किसान अपने हाथों से उठा कर बचाने का प्रयास करते हुए दिखाई दिए।
आढ़ती बोले, तीन करोड़ का नुकसान हुआ
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान विनोद व चरण सिंह दलाल ने बताया कि बरसात के आने और बाजरे के भीग जाने की वजह से वह काफी परेशान हैं। समय पर खरीद न होने के लिए सरकार अब इस स्थिति की जिम्मेवार है। यदि समय रहते शासन और प्रशासन खरीद कदम उठा लेते तो ऐसी स्थिति न होती। किसानों और आढ़तियों ने भांवातर भरपाई योजना को भी किसानों के लिए नाकाफी बताया। झज्जर मंडी में फसल खराब होने से करीब तीन करोड़ रुपये का नुकसान है।
गुलाबी ठंड शुरू, शहर में हुआ जलभराव
लगातार तीसरे दिन हुई बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत तो मिली, लेकिन ओलों और जल भराव ने परेशानी में डाल दिया है। सोमवार को पूरी रात रुक-रुककर बारिश होती रही। मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे हल्की बूंदाबांदी के साथ शुरू हुई। बारिश कुछ ही देर में तेज हो गई।
तेज बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने मौसम में ठंडक घोल दी और लोगों को सर्दी का अहसास करवा दिया। सुबह से ही जिले भर में बादल छाए हुए थे। दोपहर तक मौसम में अचानक बदलाव आया और तेज बारिश ने शहर और आसपास के इलाकों को तरबतर कर दिया। शहर के कई मुख्य चौक-चौराहों, बाजारों और गलियों में पानी भर गया।
जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के बर्फखाना रोड, आर्य नगर, पुरानी तहसील रोड, बीकानेर चौक, शहीद भगत सिंह चौक सहित अन्य स्थानों पर बारिश का पानी भर गया। इससे आवागमन में दिक्कतें आईं।
पांच फीडर हुए ब्रेक डाउन, तीन को किया चालू
मंगलवार को हुई बारिश के चलते शहर में तीन फीडर ब्रेक डाउन हो गए। इस कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके बाद शाम तक तीन फीडरों रेस्ट हाउस, सिटी नंबर-तीन और देवनगर को चालू कर दिया गया। वहीं, सिटी नंबर-छह और सिटी नंबर-दो पर कार्य जारी रहा है। सिटी नंबर-दो फीडर बादली रोड पर पोल टूटने के कारण बंद किया गया।इसके अलावा बिजली सुविधा केंद्र में शाम तक 100 शिकायत दर्ज की गई, जिसमें से 50 शिकायतों का ही समाधान हो पाया। वहीं, बची हुई बिजली शिकायतों का समाधान जारी रहा।
07jjrp23- झज्जर। शहर की अनाज मंडी में बरसाती पानी में डूबी बाजरे की फसल। संवाद
07jjrp23- झज्जर। शहर की अनाज मंडी में बरसाती पानी में डूबी बाजरे की फसल। संवाद
07jjrp23- झज्जर। शहर की अनाज मंडी में बरसाती पानी में डूबी बाजरे की फसल। संवाद
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07jjrp23- झज्जर। शहर की अनाज मंडी में बरसाती पानी में डूबी बाजरे की फसल। संवाद
07jjrp23- झज्जर। शहर की अनाज मंडी में बरसाती पानी में डूबी बाजरे की फसल। संवाद
07jjrp23- झज्जर। शहर की अनाज मंडी में बरसाती पानी में डूबी बाजरे की फसल। संवाद