जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बादली में एक मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित दवाइयां और मेडिकल सामग्री बरामद की है। विभाग की टीम को देखकर संचालिका विभाग भागने में कामयाब हो गई। हालांकि टीम ने एमटीपी एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिस सेंटर पर विभाग की टीम ने छापामारी की है वह कस्बे का काफी पुराना सेंटर है। नोडल अधिकारी राकेश कुमार व सरिता गौरी ने बादली स्थित नील कमल मेडिकल सेंटर पर छापामारी की। छापामारी में सेंटर से अवैध तरीके से रखी गई मेडिकल सामग्री बरामद की।
टीम को जो सामग्री सेंटर से मिली उसे देखकर राकेश कुमार और सरिता गौरी के होश उड़ गए। इस दौरान टीम ने जब मेडिकल संचालिका से पूछताछ करने का प्रयास किया वह टीम को धोखा देते हुए भागने में सफल हो गई। विभाग की टीम ने सभी सामग्री व दवाइयां कब्जे में लेते हुए संचालिका के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
संचालिका के मौके से भागने की शिकायत पुलिस को दी गई मगर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो संचालिका पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में भी कामयाब हो गई और मौके से फरार हो गई। विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने एमपीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कार्यवाही शुरू कर दी है। टीम में राकेश कुमार, सरिता गौरी, प्रशांत और विजय पांडे सहित हेल्थ इंस्पेक्टर मौजूद रहे। इससे पहले भी बादली और आसपास के गांवों में मेडिकल स्टोर्स पर छापामारी की गई थी।
दो माह पहले लुकसर गांव से आरएमपी के पास से प्रतिबंधित दवाईयां मिली थी। दिल्ली से सटा होने के चलते क्षेत्र में अनैतिक मेडिकल सामग्री आसानी से बेची जा रही है जिस पर संज्ञान करते हुए स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। डॉक्टर राकेश कुमार के अनुसार दवाई विक्रताओं को कानून के दायरे में रहते हुए काम करना होगा। किसी भी ऐसे चिकित्सक को बख्शा नहीं जाएगा जो गैर तरीके से काम करेगा।