पिछले तीन दिन से जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में पानी की सप्लाई बंद होने के कारण मरीजों, तीमारदारों और स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार को दोपहर बाद अस्पताल प्रबंधन की तरफ से बूस्टर पर चौथी नई मोटर रखवाकर पानी की आपूर्ति चालू करवाई गई थी। हालांकि लगातार तीन पंपसेट जलने की वजह से पानी की आपूर्ति बाधित रही।
सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप के हस्तक्षेप के बाद सामान्य अस्पताल में पानी की आपूर्ति चालू हो पाई है। सोमवार को मरीजों और तीमारदारों को पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। पिछले तीन दिनों से सामान्य अस्पताल में पंपसेट खराब होने के कारण छत पर रखीं टंकियों में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इसके चलते सामान्य अस्पताल के अलग-अलग विभागों में पानी की सप्लाई नहीं हो पाई। वहीं ओपीडी में इलाज करवाने के लिए आए मरीजों के सामने भी पानी की समस्या रही। वे शौचालय का उपयोग करने के बाद पानी की तलाश में अलग-अलग नलों को चलाकर देखते नजर आए। शनिवार को सामान्य अस्पताल में बने बूस्टर का पंपसेट खराब हो गया था, जिसके चलते पानी टंकियों में नहीं पहुंच पाया। रविवार को पानी की सप्लाई के लिए बूस्टर पर रखे दूसरे पंप को चलाया गया तो वह भी खराब हो गया। रविवार तक सभी टंकियों का पानी खत्म हो गया था। इससे व्यवस्थाएं प्रभावित होने लगीं, लेकिन छुट्टी का दिन होने के कारण केवल आपातकालीन विभाग में लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा।
वहीं सोमवार को सामान्य अस्पताल में पहुंचे कर्मचारियों, मरीजों व उनके तीमारदारों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। जिन मरीजों के इलाज में लंबा समय लग रहा था, उनके तीमारदारों को सबसे ज्यादा समस्या हुई। सोमवार को ओपीडी के समय तक पानी की सप्लाई नहीं चल पाई थी जिसके कारण मरीजों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ा। सोमवार को दोपहर बाद सामान्य अस्पताल के प्रशासन की ओर से एक और पंपसेट बूस्टर पर रखा गया, जिसके बाद पानी की सप्लाई सुचारु हो पाई।
बिजली सप्लाई में तकनीकी खराबी के चलते आ रही थी समस्या
सामान्य अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. नरेश दहिया ने बताया कि बिजली आपूर्ति करने वाली लाइन में तकनीकी खराबी के चलते बार-बार पंपसेट खराब हो रहे थे। वहीं इन बिजली के तारों में बार-बार खराबी आने के अलग-अलग उपकरण प्रभावित हो रहे थे। इससे पहले भी कई बार समस्या उत्पन्न हुई। इस समस्या को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 48 लाख की राशि लोक निर्माण विभाग को तीन महीने पहले दी जा चुकी है, लेकिन इसके लिए कोई टेंडर नहीं जारी किया गया है।
नहीं हो पाई अस्पताल की सफाई
आपताकालीन विभाग में सबसे ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है। जहां पर पानी कि बाल्टी रखकर काम चलाया जा रहा था। मरीजों का इलाज करने के बाद बाल्टी में रखे पानी से हाथ धोए जा रहे थे। वार्डों में मरीजों के लिए बिछाई जाने वाली चादर भी नहीं धुल पाई। लॉन्ड्री में चादरों का ढेर लग गया था। पानी की किल्लत के चलते अस्पताल में पोंछा नहीं लग पाया। अस्पताल में बने फर्श की भी सफाई नहीं हो पाई। वहीं शौचालय की हालत भी काफी खराब थी।
- वर्जन
बार-बार लोक निर्माण विभाग की अधिकारियों को पत्र के माध्यम से सूचना दे चुके हैं। तीन महीने पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोक निर्माण विभाग को करीब 48 लाख रुपये दिए गए थे। अभी तक काम करने के लिए कोई टेंडर नहीं लगाया गया है।
- नरेश दहिया, एमएस, सामान्य अस्पताल, झज्जर
- वर्जन
विभाग के चीफ इंजीनियर की ओर से टेंडर जारी नहीं किया गया। जैसे ही टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, वैसे की काम शुरू कर दिया जाएगा।
- वीएन खिच्ची, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, झज्जर
सामान्य अस्पताल में खाली पड़ी टंकी। संवाद- फोटो : Jhjhar