-फोटो 6 : शहर में प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी व यूनियन से जुड़े पदाधिकारी।
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विभिन्न मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी दूसरे दिन भी काम का बहिष्कार करते हुए सामूहिक अवकाश पर रहे। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर कर्मचारियों ने इकाई प्रधान राजपाल की अध्यक्षता में रोष जताया। साथ में शहर में विरोध स्वरूप प्रदर्शन भी किया।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ब्लाक प्रधान बिजेंद्र सैनी ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा नगरपालिका कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों की सभी मांगों को जल्द से जल्द लागू करना चाहिए ताकि जनता को कोई परेशानी ना हो क्योंकि कर्मचारी भी जनता का एक हिस्सा है। परंतु हरियाणा सरकार कर्मचारियों को कुछ मानती ही नहीं। सरकार जनविरोधी नीतियों को लागू करने पर उतारू है और सभी सरकारी विभागों का निजीकरण करने में लगी। इस समय जब लोग करोना महामारी से बचने में लगे हैं और हरियाणा सरकार विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की छंटनी करने में लगी हुई है। एक तरफ तो सरकार कह रही है कि कोई भी कर्मचारी नौकरी से नहीं हटाया जाए और दूसरी तरफ बार-बार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का काम किया जा रहा है। सरकार के इसी दोहरे चरित्र को देखते हुए सभी कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार द्वारा वादा खिलाफी करने के विरोध में हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जिला प्रधान राजेंद्र तूषामड़ ने बताया कि हरियाणा सरकार बार-बार कर्मचारियों के साथ भेदभाव पूर्ण बर्ताव कर रही जिसके कारण कर्मचारियों में भारी रोष है। पिछले दो दिन से सामूहिक अवकाश लेकर कामकाज ठप रखा गया है। राजेंद्र तूषामड़ ने कहा अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को फिर भी लागू नहीं किया तो नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर प्रदेश का कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हो जाएगा। समय रहते सरकार ने कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया तो 6, 7 व 8 जुलाई को तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी ।
ये है मांगें
25 अप्रैल 2020 के समझौते को लागू करो। 25 अप्रैल 2020 को हुई वार्ता में समझौते के अनुसार 4 हजार रुपये जोखिम भत्ता लागू करो। ठेका प्रथा समाप्त करने, सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन एवं फायर कर्मचारियों की भांति तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को ठेका प्रथा से मुक्त कर विभाग के रोल पर रखा जाए। 24 मई के बाद मैनपावर में लगे सफाई कर्मचारियों, सीवरमैनों व फायर कर्मचारियों को भी विभाग के रोल पर रखा जाए। यदि इसके बाद भी सरकार ने मांगों का समाधान नहीं किया तो आगामी आंदोलन के बारे आगामी निर्णय लिया जाएगा।