यूपी के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर और उसके कर्मचारी की हत्या कर शव झज्जर के सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के पास फेंक दिए गए। दोनों के सिर में चोट के निशान मिले हैं। घटनास्थल से एक पाइप, नीला ड्रम और लोहे का औजार भी बरामद हुए हैं।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के जौला गांव निवासी कामिल (52) और इरशाद (45) की हत्या कर उनके शव सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के पास सड़क किनारे फेंक दिए गए। वह राजस्थान के नीमराणा में रहते थे और प्रॉपर्टी का काम करते थे। कामिल के सिर पर पीछे की तरफ और इरशाद के आंख के ऊपर चोट के निशान हैं।
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दोनों ही शव अर्धनग्न हालत में मिले हैं। प्राथमिक जांच में लग रहा है कि दोनों की हत्या कहीं ओर कर शव यहां लाकर फेंके गए हैं। जहां शव पड़े थे, वहीं पर गाड़ी के टायरों के निशान भी बने हुए हैं। इसके अलावा घटनास्थल से एक पाइप, नीला ड्रम और लोहे का औजार (पाइप्रेंच) भी बरामद हुआ है।
सुबह करीब 5:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के पास दो शव पड़े हुए हैं। सूचना मिलते ही दुलीना पुलिस चौकी, सदर थाना पुलिस के अलावा सीआईए, स्पेशल स्टाफ और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने क्षेत्र को संरक्षित कर जांच अभियान चलाया।
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फोरेंसिक जांच के बाद शवों को नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखवाया गया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली ताकि यह पता लगाया जा सके कि कामिल और इरशाद के शव यहां कैसे पहुंचे और वारदात में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस ने मौके से मिले ड्रम और अन्य सामान की भी फोरेंसिक जांच कराई है ताकि कातिलों तक पहुंचने का कोई भी पहलू छूट न सके। दोनों एक ही गांव के थे और जान-पहचान होने के कारण ही इरशाद को कामिल ने अपने पास काम पर रखा हुआ था।
एक महीने पहले शुरू किया था प्रॉपर्टी का काम
कामिल नीमराणा में पीजी चलाता था। इरशाद उसके पास काम करता था। एक महीने पहले कामिल ने अपना पीजी बेच दिया और उसके बाद प्राॅपर्टी का काम करने लगा था। प्रॉपर्टी के काम में भी इरशाद कामिल के साथ ही रहने लगा था। कामिल के छह बच्चे हैं, जिसमें तीन लड़के व तीन लड़कियां हैं।
दो दिन पहले ही घर से आया था कामिल
कामिल वीरवार को अपने गांव जौला गया था। शनिवार को वह वापस आ गया था। वहीं इरशाद की रविवार शाम को ही अपने घर पर फोन से बातचीत हुई थी। दोनों ने ही अपने घर पर किसी से विवाद या लड़ाई-झगड़ा होने की बात नहीं बताई थी।
कहानी में कहीं फिट नहीं बैठ रहा नीला ड्रम
दोनों मृतक रहने वाले उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के हैं और काम राजस्थान के नीमराना में करते थे। उनके शव झज्जर में मिले हैं। पुलिस की मानें तो यह पूरी कहानी पुलिस जांच को भटकाने के लिए हो सकती है। मगर पुलिस को यह समझ नहीं आ रहा है कि मौके से मिला नीला ड्रम का हत्यारों ने क्याें प्रयोग किया।
मोबाइल से खुलेगा कामिल और इरशाद के कत्ल का राज
कामिल और इरशाद का कत्ल का राज उनके मोबाइल की डिटेल और लोकेशन से खुलेगा। इसके लिए पुलिस पूरी सीडीआर निकलवाएगी। पुलिस अभी दोनों के मोबाइल ट्रेस करने में जुटी हुई है। वहीं मामले की जांच के लिए झज्जर पुलिस की एक टीम नीमराणा पहुंची है। वहां पर इनके ऑफिस की जांच करेगी और आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली जाएगी।
पुलिस को कामिल और इरशाद के शव के पास उनके मोबाइल नहीं मिले हैं। पुलिस का मानना है कि उनके मोबाइल इस केस को सुलझाने में अहम कड़ी साबित होंगे। पुलिस ने मोबाइल कंपनी से उनके मोबाइल की लास्ट लोकेशन और काल डिटेल निकलवाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। उनके मोबाइल की लास्ट लोकेशन से इस हत्या की गुत्थी को सुलझाने की शुरुआत की जाएगी।
मोबाइल डंप उठाकर खंगाला जाएगा डाटा
दोनों के मोबाइल नंबर की लास्ट लोकेशन और जहां शव मिले हैं, वहां के डंप पुलिस उठाएगी। उसके बाद डाटा खंगाला जाएगा। पुलिस को उम्मीद है कि यह प्रोसेस पुलिस को कातिलों तक पहुंचाने में काफी मदद करेगी।
परिवार के लोगों ने रंजिश से किया इंकार
झज्जर पहुंचे कामिल के पिता सिबेदार और इरशाद के पिता लियाकत के बयान पुलिस ने दर्ज किए हैं। उन्होंने दोनों की किसी भी प्रकार की रंजिश होने से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी के साथ झगड़ा होने या किसी तरह के विवाद के बारे में कभी जिक्र नहीं किया। दोनों ही हमेशा कहते थे कि उनका काम यहां बहुत बढि़या चल रहा है।
कामिल के छह और इरशाद के हैं तीन बच्चे
झज्जर-गुरुग्राम रोड पर स्थित सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के पास मृत मिले कामिल के छह बच्चे हैं। इनमें तीन लड़के और तीन लड़की शामिल हैं। वहीं इरशाद की तीन बेटियां हैं। परिवार के लोग देर रात तक नागरिक अस्पताल में रुके हुए थे और रात को ही शव का पाेस्टमार्टम करवाने का प्रयास कर रहे थे।
हर एंगल से जांच की जा रही है। मृतकों की मोबाइल डिटेल और लोकेशन भी निकलवाई जाएगी। जल्द ही पुलिस इस मामले में कातिलों तक पहुंच जाएगी।-परमजीत सिंह, एसएचओ, थाना सदर, झज्जर