संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। मिशन क्लीन यमुना के तहत बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों में सीवरेज और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। शनिवार को कॉन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) कार्यालय में एचएसवीपी, सिंचाई विभाग, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग और नगर परिषद के अधिकारियों की उद्योगपतियों के साथ बैठक हुई। इसमें गणपति धाम, सूर्या नगर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को एसटीपी/सीईटीपी से जोड़ने के प्रस्तावित लेआउट पर चर्चा की गई।
बैठक में प्रस्तावित पाइपलाइन रूट, कनेक्टिंग प्वाइंट, पानी के प्रवाह, मौजूदा ड्रेनेज व्यवस्था और अपशिष्ट जल को एसटीपी/सीईटीपी तक पहुंचाने के संभावित मार्गों पर विचार-विमर्श हुआ। उद्योगपतियों ने वर्तमान सीवरेज और जल निकासी व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। उन्होंने सुझाव दिया कि अंतिम लेआउट तैयार करते समय वर्तमान के साथ भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाए।
कोबी अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने कहा कि मिशन क्लीन यमुना के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रभावी सीवरेज नेटवर्क और पर्याप्त क्षमता वाले एसटीपी/सीईटीपी जरूरी हैं। औद्योगिक क्षेत्रों को परियोजना से जोड़ने पर अपशिष्ट जल का वैज्ञानिक उपचार संभव होगा और जल प्रदूषण रोकने में मदद मिलेगी।
उन्होंने विभागों से आपसी समन्वय के साथ विस्तृत रिपोर्ट और अंतिम लेआउट जल्द तैयार करने का आग्रह किया। बैठक में गणपति धाम के चेयरमैन अशोक गुप्ता सहित कई उद्योगपति और कोबी सदस्य मौजूद रहे।