संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। नवजात की खरीद-फरोख्त के मामले की जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस ने वीरवार को पंजाब की एक महिला चिकित्सक को गिरफ्तार किया था। उसे न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जबकि इससे पहले गिरफ्तार मुख्य आरोपी समेत दो को 24 अगस्त तक रिमांड पर पुलिस को सौंपा गया है।
आरोपियों से पूछताछ में ही महिला चिकित्सक का नाम सामने आया था। महिला चिकित्सक बच्चों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क से जुड़ी हुई थी। पुलिस अब उसके संपर्कों और गिरोह में उसकी भूमिका की जांच कर रही है। डीसीपी मयंक मिश्रा के अनुसार मामले में अब तक 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनसे पांच बच्चों को बरामद किया जा चुका है।
गिरोह के सरगना परगट सिंह उर्फ लाड़ी और उसके साथी मुखपाल सिंह को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों 24 अगस्त तक रिमांड पर हैं और पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आया कि गिरोह लंबे समय से नवजात की खरीद-फरोख्त में सक्रिय था। गौरतलब है कि मार्च महीने में नवजात तस्करी के इस नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ था।
शुरुआत में पुलिस ने एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। करीब पांच महीने बाद मुख्य आरोपी पुलिस पकड़ में आया है। अभी लगातार कार्रवाई जारी है। जांच में पुलिस को पता चला है कि गिरोह के माध्यम से 60 से अधिक बच्चों की खरीद-फरोख्त किए जाने की आशंका है।
वर्जन
नवजात बच्चों की तस्करी के मुख्य आरोपी परगट सिंह उर्फ लाड़ी व उसका साथी मुखपाल 24 अगस्त तक रिमांड पर हैं। इनसे पूछताछ में ही महिला चिकित्सक को गिरफ्तार किया गया था। उसे जेल भेज दिया गया है। अभी इनसे पूछताछ की जा रही है। आरोपियों से कई और खुलासे होने की उम्मीद है।
-मयंक मिश्रा, डीसीपी, बहादुरगढ़।
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