झज्जर। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आरटीई के तहत मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के दाखिले के संबंध में सीट नहीं दिखाने पर मौलिक स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सख्ती करनी शुरू की है।
निदेशालय की तरफ से सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को विभाग की तरफ से जारी पत्र में एक से तीन हजार रुपये तक प्रति माह फीस लेने वाले मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर 30 से 70 हजार रुपये जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं।
तीन हजार रुपये से ज्यादा मासिक फीस लेने वाले मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को पहले कारण बताओ नोटिस करने और उसके बाद सुनवाई का मौका देने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में 1680 ऐसे निजी मान्यता प्राप्त स्कूल हैं, जिन्होंने इस बार आरटीई के तहत सीटों की घोषणा नहीं की है। ऐसे में विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों की फीस प्रति माह 1000 रुपये तक है, उन स्कूलों की गणना करके प्रत्येक विद्यालय पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाए।
इसी प्रकार जिन मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों की फीस प्रति माह 3000 रुपये तक है, उन स्कूलों की मध्यम स्तर के चरण में गणना करके प्रत्येक विद्यालय पर 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाए।
इसके अलावा जिन मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों की फीस प्रति माह 3000 रुपये से अधिक है, उन स्कूलों को अपने स्तर पर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निजी सुनवाई के लिए बुलाया जाए। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार जुर्माना तथा आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
इसके अलावा गैर मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों को बंद करने बारे अपने स्तर पर नोटिस देकर कार्रवाई की जाए। संबंधित विद्यालयों का फार्म-6 अथवा उनकी मासिक फीस चैक करके उपरोक्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।