झज्जर। सरकारी स्कूलों में पहली से तीसरी कक्षा तक के शिक्षक टीचर हैंडआउट का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। ऐसे में मौलिक स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर टीचर हैंडआउट का प्रयोग करने के निर्देश दिए हैं।
निर्देश हैं कि निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्राथमिक शिक्षकों के लिए जून 2025 में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए थे। इसमें कक्षा एक से तीन तक के शिक्षकों को एक टीचर हैंड आउट प्रदान किया गया था। इस बारे में शिक्षकों को बताया गया था कि यह टीचर हैंडआउट कक्षाओं की दैनिक शिक्षण योजना के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसका प्रयोग शिक्षकों को अपनी प्रतिदिन की दैनिक शिक्षण योजना में शामिल करना है।
लेकिन विभाग के संज्ञान में आया है कि कई शिक्षकों ने अभी तक भी इस टीचर हैंडआउट का प्रयोग दैनिक शिक्षण में करना शुरू नहीं किया है। इस टीचर हैंडआउट में कक्षा स्तरीय अधिगम प्रतिफलों के अनुरूप संरचित पाठ योजनाएं शामिल की गई हैं। इसका शिक्षण में नियमित उपयोग होना अति आवश्यक है ताकि प्रशिक्षण के दौरान बताई गई शिक्षण की रणनीतियों का कक्षा में निरंतर एवं सही ढंग से प्रयोग किया जा सके।
अब चौथी से आठवीं की नहीं होंगी सेट परीक्षाएं
अब चौथी से आठवीं कक्षा की सेट की परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी। इनकी केवल अब वार्षिक और अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं ही ली जाएंगी। यहां बता दें कि कुछ दिन पहले ही शिक्षा विभाग ने छठीं से बारहवीं तक की सेट परीक्षाओं की डेटशीट जारी की थी, लेकिन अब विभाग ने छठीं से आठवीं की सेट परीक्षाएं नहीं करवाने का निर्णय लिया है।
पहली से तीसरी कक्षा के शिक्षकों को हैंडआउट दिए गए हैं और उसी के अनुसार काम करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को हैंडआउट दिए गए थे। इस बार चौथी से आठवीं की सेट परीक्षाएं नहीं होंगी। इसका पत्र भी मुख्यालय से आया है।
- डॉ. सुदर्शन पूनिया, जिला कोआर्डिनेटर, एफएलएन, झज्जर