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कबड्डी लीग से आंदोलकारी किसानों में जोश भरने की तैयारी

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दिल्ली-हरियाणा के टीकरी बार्डर पर पिछले साढ़े 9 माह से ज्यादा समय से चल रहे किसान आंदोलन में जोश व उत्साह भरने के लिए 22 सितंबर से कबड्डी लीग का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों में जोश भरने के अलावा भीड़ जुटाना है ताकि आंदोलन के शुरुआती दिनों में जो जोश और उत्साह किसानों में देखने को मिल रहा था। वहीं फिर से देखने को मिले। इसके अलावा 27 सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत बंद का आह्वान किया है।
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कबड्डी लीग 22 सितंबर को बहादुरगढ़ के डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम में शुरू होगी। बताया जा रहा है कि इस कबड्डी लीग में देश के नामी खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और किसानों को अपना समर्थन देंगे। लीग को सफल बनाने के लिए किसान नेता और कई खाप पंचायतें प्रचार में जुट गई हैं। यह दूसरी बार है जब इस तरह की प्रतियोगिता का आयोजन करवाया जा रहा है। किसान नेता परगट सिंह ने बताया कि 22 व 23 सितंबर को बहादुरगढ़ में कबड्डी प्रतियोगिता करवाई जाएगी और 24 से 26 सितंबर तक यह लीग प्रतियोगिता सिंघू बॉर्डर पर होगी। प्रतियोगिता के बेस्ट रेडर और कैचर का सम्मान किया जाएगा। प्रतियोगिता देखने के लिए हरियाणा के ही नहीं बल्कि पंजाब से भी बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की उम्मीद है।
बता दें कि 26 सितंबर को आंदोलनकारी किसानों को दिल्ली के बॉर्डर पर डटे 10 माह हो जाएंगे। इन 10 माह में आंदोलनकारी किसान आंधी, बारिश, गर्मी, सर्दी सभी कुछ झेल चुके हैं मगर मांगों को लेकर अभी तक सरकार और किसानों के बीच सहमति नहीं बन पाई। अनेक किसानों की मौत किसी न किसी वजह से हो चुकी है। इसके बाद भी किसान अपनी मांगों को लेकर निरंतर आवाज उठा रहे हैं। किसानों का कहना है कि चाहे उन्हें यहां कितने ही दिन क्यों न हो जाएं वे यहां से तब तक नहीं हटेंगे जब तक तीनों कानून निरस्त नहीं हो जाते और एमएसपी के लिए कानून नहीं बन जाता। किसानों द्वारा आंदोलन को धार देने के लिए एक बार फिर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। 27 सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जहां भारत बंद का ऐलान किया हुआ है, वहीं कबड्डी लीग का आयोजन भी किया जा रहा है। किसान टस से मस होते नजर नहीं आ रहे। किसानों का साफ शब्दों में कहना है कि कानून निरस्त नहीं तो घर वापसी नहीं।
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