झज्जर। परिवार पहचान पत्र में गड़बड़ी के मामले में साइबर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 316 (4) यानी जनसेवक रहते हुए धोखाधड़ी करने की धारा जोड़ दी है। इस धारा में 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। पहले जो धाराएं जोड़ी गई हैं, उनमें 7 साल तक सजा का प्रावधान था। इसके अलावा साइबर पुलिस ने एडीसी कार्यालय से आरोपियों का रिकाॅर्ड भी कब्जे में लिया है। इसकी जांच की जा रही है। मामले में पुलिस अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है, जबकि कुछ और गिरफ्तारी अभी होना बाकी है।
इस मामले में परिवार पहचान पत्र अथॉरिटी की तरफ से पुराने केस के साथ ही जन्मतिथि में छेड़छाड़ मामले को जोड़ने की कार्रवाई साइबर पुलिस के साथ की जा रही है। ताकि केस और ज्यादा मजबूत हो सके और आरोपियों को सख्त सजा मिल सके। परिवार पहचान पत्र अथॉरिटी की जांच में सामने आया है कि जिन लोगों की जन्मतिथि में बदलाव हुआ है, वह पूर्व जिला प्रबंधक के लॉगइन से ही किया गया है। इसलिए केस को जोड़ने का काम किया जा रहा है। इसकी मंजूरी पुलिस की तरफ से मिल गई है।
गवाहों की सूची की जा रही तैयार
परिवार पहचान पत्र अथॉरिटी की तरफ से इस मामले में गवाहों की सूची भी तैयार की जा रही है। कई गवाह झज्जर के हैं, जबकि कुछ दूसरे जिलों से भी हैं।
ये आरोपी हो चुके गिरफ्तार
मामले में अब तक पूर्व जिला प्रबंधक क्रीड योगेश कुमार, जोनल अधिकारी अमित कुमार निवासी गिजादोड और ऑपरेटर विकास कुमार निवासी उटलौदा, जेडक्रीम गीता और सिकंदर को गिरफ्तार किया जा चुका है।