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प्रतिबंध के बावजूद जलाए जा रहे गेहूं के फाने, बढ़ रहा प्रदूषण

Fri, 28 Apr 2017 12:16 AM IST
amarujala/ jhajjar
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Smoke
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धान की पराली की तरह अब किसान गेहूं के फाने जला रहे हैं। कृषि विभाग ने ऐसा करने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है लेकिन कोई ठोस कार्रवाई अभी तक नहीं होने के चलते फांस को जलाने का कार्य रात के अंधेरे में जारी है। पिछले कुछ दिनों के दौरान फांस जलाने की घटनाओं ने पर्यावरण को तो प्रदूषित किया है ही साथ ही कुछ जगहों पर गेहूं की खड़ी फसल भी आग की चपेट में आई हैं। किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विभाग काफी कार्यक्रम कर चुका है लेकिन फांस जलाने वाले फिर भी बाज नहीं आ रहे हैं। इसके पीछे वजह यह है कि प्रशासन ने अभी तक जिले में एक भी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। इसके चलते ऐसा करने वालों के हौसले बुलंद हैं।  
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गावों में रात को लगाई गई गेहूं के फानों में आग सुबह तक सुलगती हुई देखी जा सकती है। रोड के साथ लगते खेतों में इस प्रकार से अगजनी की घटनाएं किसी भी घटना को न्यौता देने के बराबर है। रोड से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए खेतों में फैली गहरे धुएं युक्त अगजनी के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो रोड़ के साथ इतना ज्यादा धुंआ फैल जाता है कि वाहन चालक को कुछ दूरी तक दिखाई ही नहीं देता। ऐसे में कोई भी सड़क हादसा हो सकता है। सड़कों के किनारे लगाए गए पेड़ भी इस अगजनी की चपेट में आ रहे हैं।

कैसे है घातक
गेहूं के फानों में लगाई गई आग के कारण उससे उठने वाले धुएं से निकलने वाली जहरीली गैसें श्वास के साथ हमारे फेफड़ों में प्रवेश कर जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस प्रकार की जहरीली गैसों के कारण श्वास संबंधित अनेक बीमारियां होने का भी खतरा बना रहता है। इसके अलावा जिस किसान के खेत में अभी गेहूं की फसल कटाई के बगैर खड़ी है उसमें भी आग की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसके कारण उक्त किसान को भी काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। रोड के साथ लगे पेड़ भी इस आगजनी की चपेट में आने के कारण सूख रहे हैं।
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जागरूकता रथ कर रहे प्रचार
किसानों को जागरूक करने के लिए डीसी के द्वारा पांच गाड़ियां तैयार करवाई गई थी। जिन पर फाने जलाने से होने वाले नुकसानों के बारे में विस्तार से दर्शाया गया है। इन वाहनों को डीसी ने करीब चार दिन पूर्व हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था, जोकि इस समय पूरे जिले में घूम रही हैं लेकिन बावजूद इसके किसान सबक नहीं ले रहे।

गेंहू के फाने जलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। पटवारी इस कार्य में जुटे हुए हैं, रिपोर्ट तैयार की जा रही है। ऐसा करने वालों को जुर्माना किया जाएगा। वहीं किसानों की जागरूकता के लिए गाड़ियां प्रचार कर रही हैं।
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-आरसी बिढाण, डीसी, झज्जर।
 
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