बहादुरगढ़। प्रदूषण का स्तर लगातार रेड जोन में बना हुआ है। रविवार को भी स्थिति ऐसी ही रही कि सुबह एक्यूआई लाल रंग में 302 और शाम होते-होते यह 400 के करीब पहुंच गया। प्रदूषण का कारण अधिकारी हवा की गति कम होना मान रहे हैं। रविवार को हवा की गति महज 6 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा की रही। चिकित्सक अभी इस हवा को जहरीली बता रहे हैं। सुबह के समय हल्का स्मॉग भी छाया रहा।
मौसम विभाग के अनुसार 24 नवंबर को प्रदूषण का स्तर बेहद खराब रह सकता है। इसके बाद इसमें थोड़ा सुधार होगा और एक्यूआई कम होगा। 25 नवंबर को भी हवा की गति सुबह के समय 6 किलोमीटर की रहेगी। दोपहर के समय यह बढ़ेगी, लेकिन आठ किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहेगी। यह हवा अभी यह बेहद खतरनाक है। ऐसे मौसम में चिकित्सकों ने लोगों से कई तरह की सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
शहर में नगर परिषद, औद्योगिक क्षेत्र में एचएसआईआईडीसी, हाइवे पर एनएचएआई की ओर से टैंकरों के जरिये पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इससे सड़कों पर धूल नहीं उड़ रही है, लेकिन प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। इस समय बहादुरगढ़ में स्मॉग इस तरह छा रही है कि आम लोग भी असहज महसूस कर रहे हैं।
जुकाम, कफ के साथ जल्दी थकावट, तनाव, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा, सांस लेने में परेशानी, गले में खराश, बदन दर्द, सिर दर्द, आंखों में लाली या पीलापन, आंखों व चेहरे पर सूजन आदि की शिकायतें लोगों को प्रदूषण की वजह से हो रही हैं। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सुंदरम ने आमजन से प्रदूषण के मौसम में बचकर रहने की सलाह दी है।
क्या बरतें सावधानी
- यदि बीमार हैं तो बाहरी गतिविधियां अभी बंद रखें।
- अस्थमा है तो हर समय अपनी दवाएं अपने पास रखें।
- सुबह-शाम के समय बाहरी गतिविधियां बंद कर दें, लंबे समय तक बाहर रहने से बचें।
- छाती में जकड़न, कफ, सांस में तकलीफ या बेहोशी महसूस हो रही है तो एक्टिविटी पूरी तरह बंद कर दें और चिकित्सक को दिखाएं।
- अगरबत्ती, मोमबत्ती और धूप आदि न जलाएं।
- घर को साफ रखें, झाड़ू की बजाय पोंछा लगाएं, झाड़ू से धूल अधिक उड़ेगी।
- बाहर जाते समय मास्क का इस्तेमाल करें।