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चेयरपर्सन की कुर्सी छिनेगी या बचेगी, फैसला आज

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नगरपालिका में प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सोमवार को फ्लोर टेस्ट लिया जाएगा। फ्लोर टेस्ट को लेकर डीसी जितेंद्र कुमार की ओर से एसडीएम शिखा को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है। चेयरमैन के खिलाफ 13 पार्षदों ने शपथ पत्र सौंपकर अविश्वास जताया था। इस पर डीसी ने 13 जनवरी 2020 को फ्लोर टेस्ट के लिए समय निश्चित किया था। इसके बाद से पार्षदों की किलेबंदी में दोनों ही पक्ष जुट गए थे। पालिका प्रधान दावा कर रही है कि वे बहुमत परीक्षण के दौरान सफल रहेंगी। वहीं कुछ ऐसा ही दावा बागी हुए पार्षदों के द्वारा किया जा रहा है।
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इन 13 पार्षदों ने सौंपे थे शपथ पत्र
वार्ड एक से महाबीर गुर्जर, वार्ड तीन से मीना सैनी, वार्ड चार से निशा सैनी, वार्ड पांच से ईश्वंती देवी, वार्ड छह से प्रवीन गर्ग, वार्ड आठ से सविता देवी, वार्ड नौ से ममता जिंदल, वार्ड दस से निर्मला देवी, वार्ड 12 से सुरेश कुमार, वार्ड 13 से सरजीत गुर्जर, वार्ड 17 से सविता नगर, वार्ड 18 से ममता यादव व वार्ड 19 से मोनिका गुलिया शपथ पत्र देने वालों में शामिल रही।
वोटिंग से गायब रह सकता है एक पक्ष
कयास लगाए जा रहे हैं कि फ्लोर टेस्ट से पहली रात तक प्रधान के खिलाफ 13 तथा प्रधान के पक्ष में प्रधान सहित छह पार्षद हैं। अगर रात को बाजी पलटती है तो बागी पक्ष फ्लोर टेस्ट में शामिल नहीं होगा। वहीं अगर बाजी नहीं पलटती है तो प्रधान गुट फ्लोर टेस्ट से दूरी बना सकता है। फ्लोर टेस्ट का मुकाबला बेहद ही दिलचस्प बना हुआ है।
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अविश्वास प्रस्ताव के नियम
किसी भी नगरपालिका में प्रधान को हटाने के लिए एक तिहाई पार्षद अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं। वहीं फ्लोर टेस्ट में दो तिहाई सदस्यों का होना आवश्यक है। असंतुष्ट खेमे में 13 पार्षदों द्वारा शपथ पत्र दिए गए हैं, अगर सभी ये प्रधान के खिलाफ अपना मत डालते हैं तो प्रधान की कुर्सी चली जाएगी।
फ्लोर टेस्ट के लिए पूरी तैयारियां कर ली गई है। सभी पार्षदों को पत्र लिखकर इसके बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था। सुबह 11 बजे फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया की जाएगी।
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शिखा, एसडीएम, झज्जर।
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