07jjrp06- बस अड्डे पर लोगों को जागरूक करते पुलिस कर्मचारी। स्रोत-पुलिस
झज्जर। पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने साइबर अपराध की रोकथाम एवं आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को एक व्यापक साइबर अवेयरनेस अभियान चलाया। अभियान के अंतर्गत जिले के सभी थाना प्रबंधकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यार्थियों, औद्योगिक इकाइयों, भट्ठों व कर्मचारियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया।
बताया गया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी अत्यंत शातिर तरीके अपनाकर लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। साइबर अपराधियों के मुख्य हथियार लालच देना, स्वयं को किसी सरकारी अधिकारी या बैंक अधिकारी के रूप में प्रस्तुत कर धमकाना और भोले-भाले व्यक्तियों को भ्रमित कर ठगी का शिकार बनाना हैं।
झज्जर पुलिस ने आमजन से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या ई-मेल पर बिना सत्यापन के प्रतिक्रिया न दें और अपनी व्यक्तिगत व बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ भी साझा न करें। साइबर अपराध से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दे या नजदीकी पुलिस थाना या साइबर क्राइम सेल से संपर्क करें।
समय पर सूचना देने से न केवल अपराधियों की पहचान संभव होती है बल्कि ठगी की गई राशि को भी शीघ्र वापिस दिलाने में सहायता मिलती है। साइबर जागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए झज्जर पुलिस द्वारा अपने आधिकारिक फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं ट्विटर हैंडल के माध्यम से लगातार साइबर अवेयरनेस से संबंधित वीडियो एवं जानकारियां साझा की जा रही हैं।
164 आरोपियों को गिरफ्तार किया
बीते वर्ष साइबर क्राइम टीम ने विभिन्न मामलों में 164 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात व दिल्ली के लगभग 140 आरोपी और हरियाणा के 24 आरोपी शामिल हैं। इन आरोपियों से कुल 2 करोड़ 66 लाख रुपये से अधिक की धनराशि बरामद करके कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके मालिकों के हवाले की गई।