हत्या मामले में एक आरोपी फरार
पुलिस आयुक्त डॉक्टर राजश्री सिंह ने बताया कि इस मामले में अभी सुमित नामक एक युवक की गिरफ्तारी होनी बाकी है। पूछताछ के दौरान अंकित ने धर्मेंद्र की हत्या किए जाने की बात स्वीकार की है। उसने कहा है कि दूसरा आरोपी सुमित अंकित का दोस्त है और उसने ही धर्मेंद्र की हत्या का प्लान बनाया था और वही पिस्टल लेकर आया था। सुमित की गिरफ्तारी के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
18 मई को हुई थी हत्या
पुलिस आयुक्त ने बताया कि मृतक के लड़के आशीष ने पुलिस को सूचना दी थी कि हमारा घर लुहारी पटौदी सड़क पर है। 18 मई की शाम को उसके पिता खाना खाकर सड़क के किनारे घूमने के लिए गए हुए थे। उसके ही गांव के एक व्यक्ति ने बताया था कि उसके पिता धर्मेंद्र घायल अवस्था में गिरे हुए हैं। सूचना पर वह तुरंत गांव की तरफ हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेट लिमिटेड के पास पहुंचा तो उसने देखा कि उसके पिता के सिर से खून बह रहा है, जिसे हम इलाज के लिए पहले हेलीमंडी लेकर आए, जहां से उन्हें तुरंत मानेसर के निजी अस्पताल में भेज दिया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में हत्या का आपराधिक मामला दर्ज किया था।
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