बहादुरगढ़। लगातार इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहनों की मांग बढ़ती जा रही है। फेस्टिवल सीजन में इलेक्ट्रिक वाहनों की फुल स्पीड में बुकिंग हो रही है। युवतियों और बुजुर्गों की इलेक्ट्रिक स्कूटी व स्कूटर पहली पसंद बने हुए हैं। बुजुर्गों व युवतियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाने में खर्चा बेहद कम आता है और इसके लिए ड्राइविंग लाइसेंस की भी जरूरत नहीं होती।
नजफगढ़ रोड पर इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहनों के शोरूम संचालक नरेश राठी ने बताया कि इलेक्ट्रिक स्कूटी व स्कूटर वर्तमान में लोगों के दिलों पर छाये हुए हैं। इनमें कई तरह के फीचर्स दिए गए हैं। खर्चा भी बेहद कम आता है। उनके पास नवरात्र की शुरुआत से अब तक इलेक्ट्रिक वाहनों की 32 बुकिंग हो चुकी है।
बुकिंग कराने वाले लोग नवरात्रों में अष्टमी व नवमी पर डिलिवरी लेने की बात कह रहे हैं। इनमें बुजुर्ग और युवतियां ज्यादा हैं। बुजुर्गों के लिए यह वाहन चलाना बेहद आसान है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक स्कूटी व स्कूटर मार्केट में दो तरह के हैं। इनमें एक चीन से निर्मित हैं तो दूसरे मेड इन इंडिया। हालांकि मेड इन इंडिया के स्कूटी व स्कूटर की बुकिंग ज्यादा है, क्योंकि यह चलने में बेहतर हैं।
इनका मेंटेनेंस भी न के बराबर है। उन्होंने बताया कि अभी उनके पास पांच मॉडल में स्कूटी व स्कूटर उपलब्ध हैं।
ये मॉडल हैं बाजार में उपलब्ध
बहादुरगढ़ बाजार में नजफगढ़ रोड, रेलवे रोड, झज्जर रोड समेत दिल्ली-रोहतक रोड पर इलेक्ट्रिक स्कूटी (मेक इन इंडिया) शोरूम है। इसमें कई तरह के मॉडल उपलब्ध हैं। इनमें खास तौर पर फ्लेक्स स्कूटर, जिंग, जिंग एचएसएस, जूम और जूम बिग बी मॉडल शामिल हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों में खासियत
- इलेक्ट्रिक स्कूटी में दी गई है मोबाइल चार्जिंग की सुविधा।
- रिमोट से ही स्टार्ट और बंद हो जाती है, रिवर्स मोशन स्विच, एलईडी हेड लाइट हैं खास।
- एक बार चार्जिंग में चलती है 120 किलोमीटर।
- चार्जिंग में चार से पांच यूनिट बिजली की खपत में दौड़ती है 120 किलोमीटर।
- प्रदूषण मुक्त है इलेक्ट्रिक स्कूटर।
- बिना लाइसेंस के चलाई जा सकती हैं इलेक्ट्रिक स्कूटी व स्कूटर।
- इलेक्ट्रिक स्कूटरों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं।