ठंड के कारण लोग रविवार को ठिठुरे हुए नजर आए। सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर के एक बजे तक तो धूप खिली, लेकिन उसके बाद धूप के दर्शन को लेकर लोग तरसते दिखे।
बच्चों से लेकर बड़ों तक ठंड से कंपकंपाते नजर आए। दिनभर शीत लहरों के बीच धूप की आंख-मिचौली ने लोगों को छुट्टी के दिन लोगों को खूब परेशान किया।
ज्यादा ठंड होने के चलते लोगों की दिनचर्या और कामकाज प्रभावित हुए। ठंड से बचाव को लेकर कोई अलाव का सहारा लेता दिखा तो कोई पूरी तरह से गर्म कपड़ों पहनकर अपने-अपने घरों में बैठा नजर आया।
सर्दी के इस मौसम में खासतौर पर दुपहिया वाहन चालकों को सफर तय करने में काफी मुश्किलें हुई। रविवार को अन्य दिनों की अपेक्षा लोगों को ठंड का अहसास कुछ ज्यादा ही हुआ।
क्योंकि सुबह कुछ घंटों तक तो सूर्य देव ने अपनी खूब लाली बिखेरी मगर दोपहर बाद तो लोग धूप के लिए तरसते दिखे।
स्वास्थ्य पर पड़ने लगा प्रभाव
सर्द हवाओं के इस दौर में लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ने लगा है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक खांसी, जुकाम, बुखार, एलर्जी व उल्टी-दस्त से पीड़ित होने लगे हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर आ रही है। अभिभावक उन्हें गर्म कपड़े भी पहना रहे हैं लेकिन उसके बाद भी वे ठंड की चपेट में आ रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र सांगवान का कहना है कि हमें बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। उन्हें ठंडे पेय पदार्थों व फास्ट फूड के सेवन से बचाना चाहिए।
यदि बच्चे को खांसी-जुकाम या फिर बुखार के लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत समय पर डाक्टर को दिखाकर परामर्श लेना चाहिए ताकि उनका स्वास्थ्य अधिक बिगड़ न सके और उन्हें जल्द आराम मिल सके।