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सप्लाई का गंदा-खारा पानी पीने को मजबूर है लोग

Wed, 23 Mar 2016 01:40 AM IST
jhajjar
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गांव धौड़ में इन दिनों गंदे व खारे पानी की सप्लाई होने से ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष बना हुआ है। गांव का वही जलघर बदहाल है जिस पर लोगों की प्यास बुझाने का जिम्मा है। पहली नजर में ये जलघर की बजाए सीवरेज टैंक नजर आता है। जलघर के टैैंकों को देखा जाए तो गंदगी जमी हुई तो पानी को स्वच्छ व शुद्घ करने के लिए जलघर में कोई फिल्टर नहीं लगा हुआ है।
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नहरी पानी को घरों में सप्लाई किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभाग के अधिकारियों को समस्या के बारे में अवगत करा चुके है। लेकिन कोई समस्या का समाधान नही हो रहा है। ग्रामीण बोले सीएम विड़ों में शिकायत के बाद भी किसी अधिकारियों कानों तक जूं रेंगने का नाम नहीं ले रही हैं और वे गहरी नींद में सोये हुए है ग्रामीणों को पीने का पानी मोल खरीदकर पीना पड़ रहा है। ग्रामीण सतपाल ने बताया कि गांव में लगभग 4500 हजार की जनसंख्या है और विभाग द्वारा गांव में बनाया गया जलघर की हालत बदहाल है।

जलघर के टैंकों में गंदगी जमी हुई जिससे गांव में खारा व दूषित पानी सप्लाई होता है और अधिकारियों को समस्या के बारे में कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत करा चुके है लेकिन कोई समाधान नही हुआ सिर्फ आश्वासन मिलता है। ब्लॉक समीति के मेंबर जितेन्द्र ने बताया कि गांव धौड़ का जलघर बदहाली का शिकार बना हुआ है जलघर के टैंकों में गास उगी हुई और न ही आज तक टैंकों की सफाई हुई है जिससे खारे व दूषित पानी की सप्लाई हो रही है।
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विभाग के अधिकारियों को कई बार पानी जलघर की समस्या के बारे में अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीण दिनेश ने बताया कि गांव में वर्षों पहले जलघर का निमार्ण किया गया था और अब तक टैंकों की सफाई नही हुई है और जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते जो पानी घरों में सप्लाई के लिए आ रहा है वह खारा व दूषित होता है पीने की बात तो दुर घर के अन्य कामों में इस पानी का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।

शिकायत के बाद भी हालात जस के तस
ग्रामीण मुकेश ने बताया कि गांव धौड़ के जलघरों में जमी गंदगी के बारे में  विभाग को बार बार लिखित व मौखिक शिकायत कर चुके हैं परंतु विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है गंदे पानी की वजह से बच्चे बीमार है, गंदे पानी की सप्लाई होने की वजह से पानी खरीद कर गुजारा करना पड़ता है। जलघर के टैंकों के बैड़ टूटे पड़े हैं जिससे सारा नहरी पानी जमीन में चला जाता है और पानी की पूूर्ति भी नहीं हो पाती है, टैंकों के बैड़ टूटने से खारे पानी की सप्लाई हो रही है। विभाग को चाहिए की गांव की समस्या का समाधान जल्द से जल्द हल करवाना चाहिए।  

महिलाओं को सिर पर ढोकर लाना पड़ता है पानी
ग्रामीण महेंद्र, करतार, नरेंद्र, रविंद्र, जगत, विनोद ने बताया कि गांव के गंदे व खारे पानी की सप्लाई होने से सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना महिलाओं को करना पड़ता है। दूर-दराज कई किलोमीटर खेतों से सिर पर ढोकर पानी लाना पड़ता है, जिससे सारा दिन पानी लाने में ही चला जाता है इसके कारण सारी दिनचर्या प्रभावित हो जाती है।

ये बोले विभाग के एसडीओ
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ राजेन्द्र से बात की गई तो उनका कहना था कि जलघर में नहरी पानी की सप्लाई नहीं हो रही है और जो टैंकों में गंदगी जमी उसकी भी सफाई करवाई जाएगी और ग्रामीणों को किसी प्रकार की कोई समस्या का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
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