केएमपी की सड़क पर बैठकर खाना खाते लोग।
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बहादुरगढ़। नए तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर किसान लगातार नई रणनीति बना रहे हैं। इस क्रम में शनिवार को किसानों ने कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे जाम कर दिया। इससे वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि किसानों ने केएमपी पर ही कई स्थानों पर लंगर भी लगाया। इसमें किसानों के साथ-साथ जाम में फंसे वाहन चालकों को भी भोजन कराया गया। इस मौके किसानों ने भी सड़क पर बैठकर लंगर छका।
किसानों ने अपने प्रस्तावित 24 घंटे के जाम को सफल बनाने को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां की हुई थी। किसान शांतिपूर्ण तरीके से यहां अपना आंदोलन चलाने के साथ-साथ यहां डटे किसानों व जाम में फंसे वाहन चालकों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था भी करते रहे। दिनभर केएमपी पर लंगर सेवा चलती रही। किसानों ने बाल्टियों में सब्जी और पूरी भरकर लोगों को खिलाई। हालांकि धूप तेज होने के कारण किसान छांव ढूंढते नजर आए। केएमपी पर बने डिवाइडर की छांव में कई किसान खाना खाते और आलस दूर करते भी दिखे। जाम के दौरान फंसे वाहन चालकों व अन्य राहगीरों को भी किसानों ने खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराई।
किसान नेता जोगेंद्र सिंह ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। उनका संसद के लिए पैदल मार्च भी पूर्ण शांतिपूर्ण व अनुशासित तरीके से होगा। इसमें महिलाओं की भागीदारी भी काफी अधिक रहेगी। 24 घंटे के केएमपी बंद दौरान किसान यहीं पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाएंगे। जोगेंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना जैसा कुछ नहीं है। सरकार कोरोना के नाम पर उनके आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है, लेकिन इसमें सरकार सफल नहीं होगी। किसान तब तक यहां बैठे रहेंगे जब तक तीनों कृषि कानून निरस्त नहीं हो जाते।