बहादुरगढ़। नगर परिषद बहादुरगढ़ की भुगतान स्वीकृति समिति की बैठक में बुधवार को सफाई कार्य का भुगतान स्वीकृत करने पर समिति के सदस्य विशाल समेत कई पार्षदों ने एतराज जताया है। पार्षदों का कहना है कि कई वार्डों में सफाई का कार्य सही प्रकार से नहीं किया जा रहा। इसलिए पार्षद के संतुष्टि पत्र के बिना भुगतान करना सही नहीं है।
भुगतान स्वीकृति समिति के सदस्य विशाल गर्ग का कहना है कि नगर परिषद में हुई बैठक में उन्होंने सफाई ठेकेदार को भुगतान किए जाने पर कड़ा एतराज जताया था, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद अधिकारियों ने ठेकेदार का भुगतान करने की स्वीकृति दे दी है, जबकि वार्डों में सफाई सुचारू रूप से नहीं की जा रही। कई बार पार्षदों द्वारा एतराज भी जताया जा चुका है । केवल मुख्य गलियों में ही कूड़ा उठाने के लिए वाहन आते हैं, लेकिन अंदर गलियों में न तो कोई रिक्शा जाती है और न ही कोई अन्य वाहन जाता है। इसकी वजह से वार्ड में गंदगी रहती है। बुधवार को नगर परिषद बहादुरगढ़ के कार्यालय में पार्षद बिजेंद्र दलाल, रजनीश उर्फ मोनू, रमन यादव, संदीप दहिया, सचिन दलाल, मोहित राठी, जितेंद्र राठी, ज्योति नरेंद्र राठी, पार्षद प्रतिनिधि संजीव मलिक इकट्ठे हुए। उन्होंने सफाई ठेकेदार का भुगतान स्वीकृत करने का कड़ा विरोध किया है। इन पार्षदों ने कहा कि स्ट्रीट लाइट ठीक करने के लिए जो वर्क ऑर्डर जारी किया गया था, वह छह माह के लिए थाए लेकिन ठेकेदार ने लगभग 45 दिन बाद कार्य शुरू किया और 15 नवंबर को इस कार्य को बंद कर दिया। यही नहीं इस दौरान स्ट्रीट लाइट मरम्मत कार्य में हरियाणा सरकार से स्वीकृति कंपनियों का सामान प्रयोग किया जाना था, लेकिन ठेकेदार ने जितनी भी लाइट ठीक कराई, उन सभी में लोकल सामान प्रयोग किया गया। इसके चलते जो लाइटें ठीक हुई वे भी कम रोशनी दे रही हैं। डीएनआईटी की शर्त नंबर-27 के अनुसार ठेके के प्रथम माह की अदायगी सभी लाइटों को ठीक करने के उपरांत की जाएगी और अंतिम माह के बिल की राशि की अदायगी ठेकेदार द्वारा सभी प्वाइंटों को चालू करके नगर परिषद को सौंपने के उपरांत किए जाने का प्रावधान है लेकिन लाइट ठेकेदार द्वारा भी सरकार व आमजन के पैसे की बर्बादी की गई है जो सरासर नियम विरुद्ध है। नगर परिषद को उपरोक्त ठेकेदारों पर जुर्माना लगाना चाहिए।