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मरीजों की लगी लंबी कतारें

Tue, 29 Dec 2015 01:09 AM IST
अमर उजाला झज्जर/ब्यूरो
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लगातार तीन दिन की छुट्टी के बाद आखिरकार चौथे दिन सिविल हास्पिटल में आने वाले मरीजों को ओपीडी में स्वास्थ्य सेवाएं मिल पाई। सोमवार को यहां हर ओपीडी के आगे लंबी लाइनें लगी दिखी।
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कई व्यक्ति तो जल्दी में एक-दूसरे से धक्का-मुक्की करते दिखे। मगर इलाज से संबंधित अधिकांश जांच कार्य होने से मरीजों को कुछ हद तक राहत भी मिल पाई।

सबसे ज्यादा भीड़ हड्डी रोग, मेडिसन, स्त्री रोग व नेत्र रोग विभाग के सामने दिखी। हास्पिटल में ओपीडी समय सुबह नौ बसे लेकर तीन बजे तक का है।

ऐसे में अधिकांश मरीज जो कि पिछले तीन दिन से इलाज के लिए भटक रहे थे और यहां ताला लगा देखकर वापस लौट रहे थे वे सोमवार को ओपीडी खुलने के समय से काफी देर पहले ही यहां पहुंच गए।

लेकिन यहां पर कार्ड बनवाने के लिए ही उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। तीन-चार जगह लंबी लाइनों के माध्यम से ही उनका अधिकतर समय बीत गया।

इलाज के लिए आई कमलेश, मीना, प्रेम, कविता, पूनम व गीता के अलावा मदन, अजय, विनोद, राममेहर सहित कई अन्य का कहना था कि वे पिछले तीन दिन से इलाज के लिए भटक रहे थे।
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लेकिन यहां पर छुट्टियों से संबंधित किसी तरह का कोई नोटिस नहीं लगा दिखा। सोमवार को यहां आए तो जहां देखों वहीं मरीजों की भीड़ नजर आई।

घंटों तक लाइनों में लगकर डाक्टर से जांच कराने के लिए पहुंच पाए। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें दवा लेने के लिए भी परेशान ही होना पड़ा।

लेकिन इसके बावजूद यहां सभी दवा उपलब्ध नहीं हो पाई। बता दें कि क्रिसमस से लेकर रविवार तक सिविल हास्पिटल की ओपीडी पर ताला ही लटका हुआ था।

काफी लोगों को क्रिसमस व शहीद उधम सिंह की जयंती पर ओपीडी बंद रहने का पता नहीं था। ऐसे में वे दूर-दराज से चलकर यहां इलाज के लिए आए तो वहां कोई नजर ही नहीं आया।

मन मसोस कर वापिस चलते बने या फिर ट्रामा सेटर में आधा-अधूरा इलाज ही ले पाए। लेकिन सोमवार को हास्पिटल में पूरे दिन मरीजों की खूब भीड़ दिखी। इसके अलावा तीमारदारों की भी चहल-पहल अधिक देखने को मिली।
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