फोटो नंबर 71: अभिभावक-अध्यापक बैठक में एसएमसी के सामने अपने विचार रखते अभिभावक। संवाद
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बादली। मजदूरी छोड़कर बच्चों को दो-दो बार स्कूल लेकर जाना और वापस लाना रोजी-रोटी पर संकट बन गया है। स्कूल को सिंगल शिफ्ट नहीं किया गया तो वह बच्चों का दाखिला नहीं कराएंगे... यह दर्द बादली के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों ने बयान किया है।
स्कूल में हुई अभिभावक-अध्यापक बैठक में कहा कि दिनभर मजदूरी का काम छोड़कर वह अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने और ले जाने के काम में लगे रहते हैं। इससे उनकी मजदूरी और अन्य काम प्रभावित हो रहे हैं। स्कूल की कक्षाएं दो शिफ्ट में लगाई जा रही है।
बैठक की अध्यक्षता एसएमसी अध्यक्ष राकेश कुमार ने की जिसमें सैकड़ो की संख्या में अभिभावक और ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक में विभिन्न मुद्दों और समस्या को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त बिजली समस्या को लेकर भी मंथन किया गया।
ना विधायक ने सुनी, ना पंचायत ने किया समाधान
अभिभावक दीपक और प्रवीण ने बताया कि गांव में शिक्षा का स्तर गिर रहा है। कमरों के अभाव में स्कूल दो शिफ्ट में चलाया जा रहा है। हल्के के सबसे बड़े गांव बादली की प्रमुख समस्या पर न तो विधायक ने सुनवाई की है और ना ही ग्राम पंचायत ने कोई समाधान निकाला है।
शिफ्ट कक्षा छात्र समय
पहली 6-12 272 सुबह 8 से 12:14
दूसरी 1-5 94 दोपहर 1 से 5:25
एसएमसी अध्यक्ष बोले
एसएमसी अध्यक्ष राकेश कुमार का कहना है कि भवन की कमी के कारण सरकारी स्कूल दोहरी शिफ्ट में कक्षाएं संचालित करने के लिए मजबूर हैं। प्राथमिक पाठशाला के पास अपना भवन जर्जर हाल में है। इस वजह से बच्चों को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में टैग किया गया है। समाधान के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।