गांव गोरिया में दहेज हत्या के मामले में आरोपी विवाहिता की सास और पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उनको न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने मामले में दो महिलाओं समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज किया था।
11 फरवरी को गांव गोरिया का विजय अपने पिता देवीलाल के साथ गुड़गांव में अपनी रिश्तेदारी में एक शादी में शामिल होने गए थे। घर पर उसकी पत्नी पुष्पा, एक साल का बेटा और मां शकुंतला थी। इस दौरान पुष्पा की संदिग्ध हालात में जलने से मौत हो गई थी। पुष्पा के पिता भीम सिंह ने 12 फरवरी को पुलिस में मामला दर्ज कराया। उन्होंने शिकायत दी कि शादी के डेढ़ साल बाद विजय को फायर ब्रिगेड में सरकारी नौकरी मिल गई। नौकरी लगने के बाद से पुष्पा के ससुराल वाले दहेज के लिए परेशान करते थे।
उस पर मायके से कार और अन्य सामान लाने के लिए दबाव डाल रहे थे। इस बात पर परिवार में रोज कलह होने लगी थी। इससे परेशान हो उनकी बेटी ने खुद को आग लगा ली। पुलिस ने पुष्पा की मौत के मामले में दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था। छानबीन के बाद पति विजय, सास शकुंतला को गांव से गिरफ्तार कर बुधवार को अदालत में पेश किया। दोनों को न्यायिक हिरासत भेज दिया गया। मामले में आरोपी ननद सुमन की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है।