बहादुरगढ़। पिछले साल की तुलना में इस बार जून और जुलाई के महीने में 33 एमएम कम बारिश हुई है। यह धान की रोपाई के लिए नाकाफी है। इससे बुआई प्रभावित हो रही है जिससे किसान चिंतित हैं। बहादुरगढ़ और बादली क्षेत्र में 19 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई की गई है।
इन दिनों किसानों द्वारा खेतों में धान की रोपाई की गई है और इसमें पानी की खासी जरूरत हो रही है।वर्ष 2023 में 1 जून से 18 जुलाई तक 193.5 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी जबकि इस साल 2024 में अब तक 160 एमएम बारिश हुई है। यह फसलों के लिए नाकाफी है। किसान इंद्र देव की ओर टकटकी लगाकर बारिश की आस लगाए बैठे हैं। बादल प्रतिदिन आसमान में उमड़ते जरूर हैं, लेकिन बिना बरसे ही आगे निकल जाते हैं। यदि बारिश नहीं होती है तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। टयूबवेल के जरिये सिंचाई करनी पड़ेगी। जुलाई के अंत तक धान की रोपाई की जाती है।
इस बार बारिश कम होने से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें नजर आने लगी है। नूना माजरा गांव के किसान रणबीर सिंह, सुरजीत, बामड़ोली के किसान विजय छिल्लर, मनोज छिल्लर ने बताया कि इस बार बहादुरगढ़ क्षेत्र के आसपास बारिश नहीं हो रही है। इस समय खेतों में धान की रोपाई की जा रही है। पानी की खासी जरूरत है और बादल नहीं बरस रहे हैं। यदि आने वाले कुछ दिनों और बारिश नहीं होती है तो उन्हें ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ेगा। इससे न केवल उन पर आर्थिक बोझ पड़ेगा बल्कि फसल भी अच्छी नहीं होगी। बारिश के पानी से फसल ज्यादा बेहतर होती है। बहादुरगढ़ और बादली क्षेत्र में लगभग 19 हजार हेक्टेयर में धान की फसल की रोपाई की गई है।
वर्जन...
फसलों को बारिश की दरकार है। पिछले वर्ष 1 जून से 18 जुलाई तक 193.5 एमएम बारिश हुई थी। जबकि अभी तक कुल 160 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। यह फसलों के लिए नाकाफी है।
-डॉ. सुनील कौशिक, एसडीओ, कृषि विभाग बहादुरगढ़।
-फोटो 56 : बहादुरगढ़ के खेतों में खड़ी फसल। संवाद